बिजनेस

विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार से निकाले 12,000 करोड़, Debt में लगाए 5,700 करोड़

FPI Pull Out Money From Equity: डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने इस महीने शुक्रवार 20 अक्टूबर तक 12,146 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इससे पहले एफपीआई सितंबर में भी शुद्ध विक्रेता बने रहे। तब उन्होंने पूरे महीने में 14,767 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे।

Image

एफपीआई ने इक्विटी से पैसा निकाला

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • एफपीआई ने इक्विटी मार्केट से निकाले 12000 करोड़
  • 20 अक्टूबर तक 12,146 करोड़ रुपये के शेयर बेचे
  • डेब्ट सेगमेंट में किया 5700 करोड़ रु का निवेश

FPI Pull Out Money From Equity: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने इस महीने अब तक इक्विटी मार्केट से 12,000 करोड़ रुपये से अधिक निकाल लिए हैं। इसकी मुख्य वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में लगातार वृद्धि और इज़राइल-हमास युद्ध के नतीजे में बना अनिश्चित माहौल है।

हालाँकि एफपीआई ने डेब्ट सेगमेंट में निवेश किया है। डिपॉजिटरी के आंकड़ों से पता चलता है कि उन्होंने डेब्ट मार्केट में 5,700 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।

12000 करोड़ के शेयर बेचे

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने इस महीने शुक्रवार 20 अक्टूबर तक 12,146 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इससे पहले एफपीआई सितंबर में भी शुद्ध विक्रेता बने रहे। तब उन्होंने पूरे महीने में 14,767 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे।

1.74 लाख करोड़ के शेयर खरीदे

इस आउटफ्लो से पहले एफपीआई ने पिछले छह महीनों में जमकर खरीदारी भी की है। उन्होंने मार्च से अगस्त तक लगातार खरीदारी करते हुए इक्विटी मार्केट में 1.74 लाख करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

इसके साथ ही इस साल अब तक इक्विटी में एफपीआई का कुल निवेश 1.08 लाख करोड़ रुपये और डेब्ट बाजार में 35,000 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है।

इन सेक्टरों पर एफपीआई का फोकस

सेक्टरों के लिहाज से देखें तो एफपीआई ने फाइनेंशियल, बिजली, एफएमसीजी और आईटी जैसे सेक्टरों में बिकवाली की है। वहीं ऑटोमोबाइल और कैपिटल गुड्स में खरीदारी कम रही। हालाँकि ये टेलीकॉम में अच्छे खरीदार रहे।

डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर बाजार की स्थिति की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

और पढ़ें
End of Article