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Foreign Investment in India: भारतीय इक्विटी बाजार में विदेशी निवेशकों ने की शानदार वापसी, अप्रैल में अब तक किया 5,520.1 करोड़ रु का निवेश

Foreign Investment in India: विदेशी निवेशकों ने इस महीने भारतीय इक्विटी बाजारों में शानदार वापसी की है और पिछले दो सप्ताह में शुद्ध खरीदार बनकर उभरे हैं। विश्लेषकों ने शनिवार को कहा कि पिछले सात कारोबारी सत्रों में ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने भारतीय इक्विटी पर निर्णायक रूप से सकारात्मक रुख अपनाया है।

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इक्विटी बाजार में विदेशी निवेशकों ने की शानदार वापसी

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • FPI का बदला रुख
  • अप्रैल में बन गए खरीदार
  • किया 5000 करोड़ से अधिक का निवेश

Foreign Investment in India: विदेशी निवेशकों ने इस महीने भारतीय इक्विटी बाजारों में शानदार वापसी की है और पिछले दो सप्ताह में शुद्ध खरीदार बनकर उभरे हैं। विश्लेषकों ने शनिवार को कहा कि पिछले सात कारोबारी सत्रों में ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने भारतीय इक्विटी पर निर्णायक रूप से सकारात्मक रुख अपनाया है। यह बदलाव मुख्य रूप से कमजोर अमेरिकी डॉलर, टैरिफ समझौतों की समीक्षा और भारत की आर्थिक प्रगति को लेकर आशावाद की नई भावना के कारण हुआ है।

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'सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था'

बीडीओ इंडिया के एफएस टैक्स, टैक्स एंड रेगुलेटरी सर्विसेज के पार्टनर और लीडर मनोज पुरोहित ने कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सुस्त वृद्धि के साथ चुनौतीपूर्ण वैश्विक पृष्ठभूमि के बीच, भारत अपनी आर्थिक मजबूती के लिए आगे बढ़ रहा है।"

भारत के वित्त वर्ष 2026 में 6 प्रतिशत से अधिक की मजबूत दर से बढ़ने का अनुमान है और यह एकमात्र सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनी हुई है, जिससे यह वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन गया है।

'FPI फ्लो मजबूत रहने की उम्मीद'

पुरोहित ने बताया, "निकट भविष्य में एफपीआई प्रवाह मजबूत रहने की उम्मीद है, जो मौजूदा बाजार रैली को अतिरिक्त समर्थन प्रदान करेगा। वैश्विक निवेशक अपनी रणनीतियों का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं, भारत की आर्थिक बुनियादों और आय क्षमता इसे वैश्विक स्तर पर हो रही उथल-पुथल भरी घटनाओं में स्थिरता और विकास के प्रतीक के रूप में स्थापित करती हैं।"

इस महीने आखिरी कारोबारी सत्र तक एफपीआई ने 22,716.43 करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी और 17,196.33 करोड़ रुपए की इक्विटी बेची, जिसमें 5,520.1 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हुआ।

इन सेक्टरों में आया निवेश

पिछले महीने, एफपीआई ने मार्च 2025 के दूसरे पखवाड़े में खरीदारी बढ़ाई, जिससे चुनिंदा क्षेत्रों में सुधार हुआ। बीएफएसआई ने 380 मिलियन डॉलर की बिक्री से 2,055 मिलियन डॉलर की खरीदारी के साथ प्रवाह का नेतृत्व किया, जिससे महीने के लिए 1,675 मिलियन डॉलर की कमाई हुई।

बजाज ब्रोकिंग के एक हालिया नोट के अनुसार, टेलीकम्युनिकेशन, मेटल और माइनिंग में भी क्रमशः 360 मिलियन डॉलर और 219 मिलियन डॉलर का शुद्ध प्रवाह देखा गया। कुल मिलाकर, एफपीआई की रुचि बीएफएसआई पर केंद्रित रही, जबकि अधिकांश अन्य क्षेत्रों में लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा।

भारत निवेश के लिए बेहतर जगह

भारत मजबूत आर्थिक दृष्टिकोण, नीतिगत सुधारों और मजबूत बाजार के साथ वैश्विक पूंजी के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना हुआ है। इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल विकास और ईज-ऑफ डूइंग बिजनेस पर सरकार का निरंतर ध्यान निवेशकों के विश्वास को बढ़ाता है। (इनपुट - आईएएनएस)

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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