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जुलाई में विदेशी निवेशकों का भरोसा डगमगाया, शेयर बाजार से निकाले ₹5,524 करोड़

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 की शुरुआत से अब तक FPI कुल ₹83,245 करोड़ की निकासी कर चुके हैं। हालांकि, इससे पहले अप्रैल, मई और जून महीने में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में निवेश किया था। वहीं इसके पहले की शुरुआत में यानी जनवरी, फरवरी और मार्च में उन्होंने भारी निकासी की थी।

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जुलाई में विदेशी निवेशकों का भरोसा डगमगाया( Pic Credit: iStock)

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जुलाई 2025 में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय शेयर बाजार से अब तक करीब ₹5,524 करोड़ की रकम निकाल ली है। इससे पहले लगातार तीन महीनों तक ये निवेशक भारतीय बाजार में पैसा लगा रहे थे, लेकिन इस महीने उनका रुख बदल गया है।

क्यों निकाला पैसा?

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और भारत के बीच व्यापार को लेकर चल रहे तनाव और कंपनियों के मिले-जुले तिमाही नतीजों की वजह से FPI थोड़ा सतर्क हो गए हैं। मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि अगर दोनों देशों के बीच व्यापार विवाद सुलझता है और कंपनियों की कमाई में सुधार आता है, तो FPI दोबारा निवेश शुरू कर सकते हैं।

साल 2025 में अब तक कितना पैसा निकाला गया?

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 की शुरुआत से अब तक FPI कुल ₹83,245 करोड़ की निकासी कर चुके हैं। हालांकि, इससे पहले अप्रैल, मई और जून महीने में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में निवेश किया था। जून में ₹14,590 करोड़ का निवेश, मई में ₹19,860 करोड़ का निवेश, अप्रैल में: ₹4,223 करोड़ का निवेश आया है। वहीं इसके पहले की शुरुआत में यानी जनवरी, फरवरी और मार्च में उन्होंने भारी निकासी की थी। जनवरी में ₹78,027 करोड़ निकाले, फरवरी में ₹34,574 करोड़ निकाले और मार्च में ₹3,973 करोड़ निकाले।

किन क्षेत्रों से पैसा निकाला और कहां किया निवेश?

हालांकि शेयर बाजार से FPI ने पैसा निकाला है, लेकिन उन्होंने बॉन्ड मार्केट में कुछ निवेश किया है। बॉन्ड में सामान्य सीमा के तहत: ₹1,850 करोड़ स्वैच्छिक प्रतिधारण मार्ग से ₹1,050 करोड़।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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