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सोने के दाम ने अभी नहीं की 'हद' पार, सरकार रख रही पैनी नजर: सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सोना अब भी भारतीय परिवारों के लिए पसंदीदा इन्वेस्टमेंट बना हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इसकी डिमांड बढ़ी है, लेकिन यह खतरनाक लेवल तक नहीं पहुंची है और कीमतें सर्किट लिमिट के अंदर ही रही हैं।

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वित्त मंत्री ने सोने के दाम पर कही बड़ी बात

Photo : Times Now Digital

Gold Rate में पिछले दिनों भारी उतार-चढ़ाव दिखा है। फिलहाल, गोल्ड 1.80 लाख रुपये के ऑल टाइम हाई से करीब 20 हजार रुपये सस्ता होकर 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है। सोने के भाव में जारी उतार-चढ़ाव के बीच कीमती धातुओं में बढ़ते निवेश को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार सोने की कीमतों पर पैनी नजर बनाए हुए है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सोने की खरीद में पारंपरिक रूप से त्योहारों के दौरान मौसमी वृद्धि देखी जाती है, लेकिन इसका दाम अब भी एक दायरे में बना हुआ है।

सोने के भाव पर क्या कहा?

केंद्रीय वित्त मंत्री ने केंद्रीय निदेशक मंडल के साथ बजट के बाद की बैठक की, जिसमें वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा भी शामिल हुए। इस बैठक के बाद की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में, उन्होंने कहा, “सोना हमेशा से भारतीय परिवारों के लिए एक निवेश का जरिया रहा है। त्योहारों और शादियों के दौरान सोने की कीमतों में मौसमी वृद्धि देखी जाती है। हम लगातार इस पर करीब से नजर रख रहे हैं। लेकिन, फिलहाल सोने के दाम को लेकर कोई चिंता जैसी स्थिति नहीं है, क्योंकि दाम अभी एक लिमिट में बने हुए हैं।

IDFC और टैरिफ पर भी बोलीं

वहीं, IDFC First बैंक को लेकर पूछे गए सवाल सीतारमण ने कहा कि इसमें “कोई प्रणालीगत समस्या नहीं है।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे सरकार अपनी नीति के तहत निजी कंपनियों पर टिप्पणी नहीं करती है। इसके अलावा अमेरिकी टैरिफ मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए, सीतारमण ने कहा कि वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय स्थिति की समीक्षा कर रहा है। “टिप्पणी करना अभी जल्दी है,” उन्होंने जोड़ा।

लिक्विडिटी पर दिया जवाब

मार्केट में लिक्विडिटी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “भारतीय रिजर्व बैंक के पास पर्याप्त लिक्विडिटी है। हमारे पास अगले पांच साल तक के लिए क्रेडिट कह उपलब्धता है। इस तरह हम देश की सभी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हैं।” वहीं, इस सवाल पर वित्त मंत्री के साथ सहमति व्यक्त करते हुए, आरबीआई गवर्नर ने कहा, “हम अपनी अर्थव्यवस्था की उत्पादक जरूरतों के लिए लिक्विडिटी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” इसके साथ ही उन्होंने कहा, हाल के समय में सोने के आयात की ऑर्डर वैल्यू कीमतों में वृद्धि के बावजूद नहीं बढ़ी है। इसके साथ ही उन्होंने कुल विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) पर कहा, FDI का फ्लो बहुत मजबूत रहा है। पिछले वर्ष की अच्छी वृद्धि दर के साथ ही इस वर्ष भी लगातार विदेशी निवेश आ रहा है, जिससे हमारे पास पर्याप्त रिजर्व हैं।”

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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