FM Nirmala Sitharaman Interview: 23 जुलाई को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किय गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार 7वीं बार संसद में बजट पेश करके इतिहास बनाया। बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टाइम्स नाउ नवभारत की ग्रुप एडिटर इन चीफ नाविका कुमार के साथ खास बातचीत की। इस दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2024 के कई अहम मुद्दों पर अपने विचार रखे, जिनमें मिडिल क्लास, GST और टैक्स स्लैब में बदलाव शामिल हैं। उन्होंने शेयर बाजार निवेशकों के लिए बढ़ाए गए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स का भी जिक्र किया। साथ ही फूड सब्सिडी पर भी बात की। आइये टाइम्स नाउ नवभारत के साथ वित्त मंत्री की इन मुद्दों पर हुई खास बातचीत पर नजर डालते हैं।
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बिना सोचे-समझे नहीं बढ़ाया एलटीसीजी
बजट में शेयर निवेशकों के लिए एलटीसीजी 10% से बढ़ाकर 12.5% कर दिया गया है। इस पर टाइम्स नाउ नवभारत के साथ बातचीत के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि एलटीसीजी में बदलाव "बिना सोचे-समझे" नहीं किया गया बल्कि एक्सपर्ट्स के साथ चर्चा के बाद इस पर विचार किया गया।
उन्होंने कहा कि एलटीसीजी टैक्स में बदलाव से अधिकतर लोगों को नुकसान नहीं होगा। कुछ ऐसे लोग हो सकते हैं जो अधिक प्रॉफिट कमा रहे हैं, उन पर असर पड़ेगा। मगर निश्चित रूप से मिडिल क्लास और छोटे रिटेल निवेशकों पर इसका असर नहीं होगा।
लोगों की कमाई बढ़ेगी
वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड या CBDT ने एलटीसीजी टैक्स में बदलाव के बारे में विस्तार से बताया है। उन्होंने कहा, "इंडेक्सेशन खत्म होने के बाद भी लोगों की कमाई बढ़ेगी।" दरअसल लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन छूट बढ़ाई गई है। इसके तहत नई छूट लिमिट 1.25 लाख रु है, जो कि अब तक 1 लाख रु थी। इसका मतलब है कि सालाना अब 1.25 लाख रुपये तक के कैपिटल गेन को कैपिटल गेन्स टैक्स से छूट मिलेगी।
फूड सब्सिडी पर क्या बोलीं वित्त मंत्री
टाइम्स नाउ नवभारत के साथ वित्त मंत्री ने फूड सब्सिडी पर भी बात की। उन्होंने कहा कि फूड सब्सिडी कई अलग-अलग तरीकों से दी जाती है। जैसे कि एमएसपी, खरीद, मुफ्त खाद्यान्न आदि। ये सब हो रहा है। यानी इस तरह की तमाम सब्सिडी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि फूड सब्सिडी में थोड़े बदलाव हो सकते हैं, मगर हम इसमें कटौती नहीं कर रहे हैं। सरकार किसानों को फर्टिलाइजर्स के लिए सब्सिडी दे रही है। हमने उसमें कोई कटौती नहीं की है।
