बिजनेस

भारत के फाइनेंस सेक्टर से क्यों भाग रहे FII, अप्रैल में अब तक की 19150 करोड़ की बिकवाली?

विदेशी निवेशक भारत से लगातार बाहर निकल रहे हैं। कुछ सेक्टर्स में यह बिकवाली बहुत तेज है। मसलन, अप्रैल में अब तक फाइनेंस सेक्टर से FII ने 19150 करोड़ रुपये की बिकवाली की है। इसकी वजह क्या है?

Image

भारत से भाग रहे विदेशी निवेशक

FII Selling Financial Sector April 2026: भारतीय शेयर बाजार में तेजी के बावजूद विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं। डिपोजिटरी (NSDL/CDSL) आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल के पहले पखवाड़े में ही फाइनेंस सेक्टर से 19,150 करोड़ रुपये निकल गए। दिलचस्प बात यह है कि इस भारी बिकवाली के बावजूद बैंकिंग शेयरों में तेजी बनी हुई है, जो बाजार की दिशा पर सवाल खड़े करती है।

तेजी के बीच FII की बड़ी बिकवाली

भारतीय बाजार में अप्रैल की शुरुआत से ही मजबूत रिकवरी देखने को मिली है, जहां BSE Sensex और NIFTY 50 करीब 8.5% तक चढ़ चुके हैं। इसके बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बिकवाली का सिलसिला जारी रखा है।

सिर्फ फाइनेंशियल सेक्टर में ही अप्रैल के पहले आधे हिस्से में 19,150 करोड़ रुपये की भारी निकासी हुई है, जो यह दिखाती है कि ग्लोबल निवेशक फिलहाल भारतीय बाजार में जोखिम कम करने की रणनीति अपना रहे हैं।

फाइनेंस सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव क्यों

फाइनेंस सेक्टर में बिकवाली के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। सबसे बड़ा कारण वैल्यूएशन है, जहां पिछले कुछ महीनों की तेजी के बाद बैंकिंग शेयर अपेक्षाकृत महंगे हो गए थे।

इसके अलावा ग्लोबल अनिश्चितता, ब्याज दरों को लेकर असमंजस और डॉलर की मजबूती जैसे फैक्टर भी विदेशी निवेशकों को सतर्क बना रहे हैं। ऐसे में FIIs ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी है।

बाकी सेक्टर्स भी नहीं बचे अछूते

सिर्फ फाइनेंस ही नहीं, बल्कि कई अन्य सेक्टर्स में भी बिकवाली देखने को मिली है। कंज्यूमर सर्विसेज और हेल्थकेयर में हजारों करोड़ की निकासी हुई है, जबकि ऑटो और ऑयल एंड गैस सेक्टर भी दबाव में रहे।

FMCG, टेलीकॉम और रियल्टी सेक्टर में भी लगातार बिकवाली जारी है। यहां तक कि IT और मेटल जैसे सेक्टर्स में भी विदेशी निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी घटाई है, जो व्यापक स्तर पर risk-off sentiment को दर्शाता है।

फिर भी बैंकिंग शेयर क्यों चढ़ रहे

दिलचस्प बात यह है कि भारी बिकवाली के बावजूद बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में तेजी बनी हुई है। NIFTY BANK और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में 12% तक की तेजी दर्ज की गई है।

एनालिस्ट्स का मानना है कि कुछ बड़े प्राइवेट बैंकों के वैल्यूएशन आकर्षक स्तर पर पहुंच गए हैं, जिससे घरेलू निवेशकों की खरीदारी बढ़ी है। यही वजह है कि FII की बिकवाली का असर कीमतों पर ज्यादा नहीं दिख रहा।

बाजार के लिए क्या हैं संकेत

FII की लगातार बिकवाली यह संकेत देती है कि ग्लोबल निवेशक फिलहाल सतर्क हैं और जोखिम कम कर रहे हैं। हालांकि, घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी बाजार को सहारा दे रही है। अगर यह ट्रेंड जारी रहता है, तो बाजार में सेक्टर रोटेशन और स्टॉक-विशेष मूवमेंट और तेज हो सकते हैं।

फाइनेंस सेक्टर से FII का एग्जिट एक बड़ा संकेत जरूर है, लेकिन यह पूरी तरह निगेटिव कहानी नहीं है। मजबूत घरेलू फ्लो और बेहतर फंडामेंटल्स बाजार को संतुलित बनाए हुए हैं। आने वाले समय में ग्लोबल संकेत और ब्याज दरों की दिशा बाजार की चाल तय करेगी।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

और पढ़ें
End of Article