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निर्यात ऋण गारंटी योजना: सस्ते दर पर लें 50 करोड़ रुपये तक लोन, जानिए ब्याज दर समेत सबकुछ

Export Credit Guarantee Scheme: निर्यात ऋण गारंटी योजना के तहत निर्यातक रियायती ब्याज दर पर 50 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त कर्ज ले सकते हैं। सरकार ने अल्पकालिक वित्तीय असंतुलन दूर करने और नए बाजार खोजने में मदद के लिए यह योजना शुरू की है। यहां जानिए ब्यााज दर समेत सबकुछ।

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निर्यातकों को ऋण गारंटी योजना के तहत रियायती दर पर 50 करोड़ रुपये तक मिलेंगे। (तस्वीर-istock)

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Export Credit Guarantee Scheme : निर्यात ऋण गारंटी योजना के तहत निर्यातक रियायती ब्याज दर पर 50 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त कर्ज प्राप्त कर सकते हैं। सरकार ने अल्पकालिक वित्तीय असंतुलन दूर करने और नए बाजारों की तलाश में सहायता देने के लिए यह योजना शुरू की है। इसका उद्देश्य अतिरिक्त कार्यशील पूंजी की जरूरत वाले निर्यातकों को दी जाने वाली अतिरिक्त ऋण सुविधा पर 100% गारंटी प्रदान करना है। इस योजना में निर्यातक अपनी स्वीकृत कार्यशील पूंजी सीमा के 20% तक और अप्रत्यक्ष निर्यातक भी 20% तक अतिरिक्त कर्ज ले सकते हैं, जिसकी अधिकतम सीमा 50 करोड़ रुपये होगी।

योजना का उद्देश्य

सरकार ने निर्यातकों को वित्तीय सहायता देने और उनकी अल्पकालिक धन की कमी को दूर करने के लिए नई निर्यातक ऋण गारंटी योजना (CGSE) शुरू की है। इसका मकसद निर्यातकों को अतिरिक्त कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना और नए विदेशी बाजार खोजने में मदद करना है।

100% सरकारी गारंटी

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक इस योजना के तहत सरकार की संस्था एनसीजीटीसी (NCGTC) बैंक या अन्य ऋण देने वाले संस्थानों को 100% गारंटी देगी। इसका मतलब है कि बैंक निर्यातकों को बिना जोखिम के अतिरिक्त ऋण दे सकेंगे।

कितना अतिरिक्त कर्ज मिलेगा?

निर्यातक अपनी स्वीकृत कार्यशील पूंजी सीमा का 20% तक अतिरिक्त कर्ज ले सकते हैं। अप्रत्यक्ष निर्यातकों के लिए भी यह सीमा 20% है। अधिकतम अतिरिक्त कर्ज 50 करोड़ रुपये तक मिल सकेगा।

ब्याज दर में छूट

जो भी निर्यातक इस योजना के तहत ऋण लेंगे, उन्हें मौजूदा ब्याज दर से 1% कम ब्याज देना होगा। इससे उनकी लागत घटेगी और कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी।

ऋण अवधि और मोरेटोरियम

ऋण अवधि: 4 वर्ष

इसमें 1 साल की मोरेटोरियम अवधि होगी, यानी पहले साल में ऋण वापस नहीं करना होगा।

योजना कब तक लागू रहेगी?

यह योजना एनसीजीटीसी द्वारा दिशानिर्देश जारी होने की तारीख से लेकर 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी। या फिर जब तक 20,000 करोड़ रुपये की गारंटी जारी नहीं हो जाती, जो भी पहले हो।

योजना क्यों जरूरी हुई?

अमेरिका ने भारत से जाने वाले कई सामानों पर 50% का भारी टैरिफ लगा दिया है, जो 27 अगस्त से लागू है। इस कारण भारतीय निर्यातकों को आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इसी स्थिति में यह योजना उन्हें राहत देगी।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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