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हर महीने 100 नए विदेशी निवेशक जुड़ रहे भारत से, एफपीआई संख्या 12 हजार पार

भारी पूंजी निकासी के बावजूद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की संख्या लगातार बढ़ रही है। सेबी के अनुसार हर महीने करीब 100 नए एफपीआई पंजीकरण करा रहे हैं। फिलहाल इनकी कुल संख्या 12,000 के पार पहुंच गई है, जो पिछले साल की तुलना में 1,500 ज्यादा है। यह भारत के बाजार पर विदेशी निवेशकों के लंबे समय तक भरोसे का संकेत देता है।

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विदेशी निवेशक

भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी के बीच एक दिलचस्प बात सामने आई है। बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने शुक्रवार को बताया कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की संख्या लगातार बढ़ रही है। सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अनंत नारायण ने कहा कि हर महीने करीब 100 नए विदेशी निवेशक पंजीकरण करा रहे हैं। यह रफ्तार पिछले साल की तुलना में कहीं अधिक है।

12 हजार के पहुंची FPI की संख्या

नारायण ने जानकारी दी कि फिलहाल भारत में एफपीआई की कुल संख्या 12,000 के पार पहुंच चुकी है। यह आंकड़ा एक साल पहले 10,500 था। यानी पिछले एक साल में लगभग 1,500 नए विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि पंजीकरण की गति पहले की तुलना में काफी तेज है और यह भारत के बाजार के प्रति बढ़ती दिलचस्पी को दिखाता है।

अबतक कितने रुपये निकाले

हालांकि, दूसरी ओर स्थिति यह भी है कि विदेशी निवेशकों ने इस साल भारतीय बाजार से बड़ी मात्रा में पूंजी निकाली है। 12 सितंबर तक के आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई ने इक्विटी, बॉन्ड, म्यूचुअल फंड और वैकल्पिक निवेश फंड (AIF) जैसे सभी क्षेत्रों से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की निकासी की है। सिर्फ इक्विटी मार्केट में ही करीब 1.41 लाख करोड़ रुपये की पूंजी बाहर चली गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं और ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव की वजह से विदेशी निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। हालांकि, नए पंजीकरण की रफ्तार यह संकेत देती है कि लंबी अवधि में भारत को लेकर विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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