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ET Now Realty Conclave 2026: छत्तीसगढ़ के डिप्टी CM अरुण साव बोले- हर परिवार को पक्की छत देना हमारा संकल्प

ET Now रियल्टी कॉन्क्लेव 2026 में भारत के 1 खरब डॉलर के रियल एस्टेट मार्केट पर चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव ने राज्य में हाउसिंग सेक्टर को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

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ET Now रियल्टी कॉन्क्लेव 2026

ET Now Realty Conclave & Awards 2026 का आयोजन शनिवार को दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित ताज पैलेस में किया गया। रियल्टी सेक्टर के तमाम बड़े दिग्गज समेत छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव ने इस कॉन्क्लेव में शिरकत की। उन्होंने इस कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता में आने के बाद से राज्य सरकार के एजेंडे में मुख्य रूप से हाउसिंग, स्पोर्ट्स डेवलपमेंट और गुड गवर्नेंस है। इस पर उनकी सरकार ने जोर दिया है और अब इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।

बता दें कि OneXtel कम्युनिकेशन मीडिया द्वारा आयोजित यह कॉन्क्लेव भारत के प्रॉपर्टी सेक्टर में बेहतरीन काम, तकनीकी इनोवेशन और लीडरशिप को पहचान दिलाने वाला एक अहम मंच है। यह कार्यक्रम भारतीय रियल एस्टेट के लिए एक महत्वपूर्ण समय पर हो रहा है, क्योंकि यह सेक्टर तेजी से 1 ट्रिलियन डॉलर (95 लाख 21 हजार करोड़ रुपये) के मार्केट वैल्यूएशन की ओर बढ़ रहा है।

10.60 लाख परिवारों को पक्के घर दिए गए

डिप्टी सीएम अरुण साव ने इस मंच का इस्तेमाल अपनी सरकार की सबसे संतोषजनक उपलब्धियों में से एक को बताने के लिए किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत छत्तीसगढ़ में लगभग 10 लाख 60 हजार लोगों को पक्के घर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य ने लगभग 18 लाख लोगों को घर उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था और एक-एक करके हर परिवार तक यह सुविधा पहुंचाना किसी भी सरकार के लिए सबसे बड़े कामों में से एक है।

उन्होंने आगे कहा कि मैं कच्चे घर में रहने की मुश्किलों को समझता हूं। किसी को सिर पर पक्की छत देने से ज्यादा संतोष की कोई बात नहीं हो सकती। साव ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों की जिंदगी में जो बदलाव आया है, उसका काफी श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सोच को जाता है, जिनकी अगुवाई में राज्य को एक अलग पहचान मिली। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य बदने के बाद से गरीबी की समस्या को दूर करने, स्वास्थ्य सेवाओं तक आम लोगों को पहुंच बढ़ाने और शहरी बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने में काफी तरक्की हुई है, जिसमें राज्य में 'अटल परिसर' की स्थापना भी शामिल है।

पारदर्शी प्रशासन और जवाबदेही पर जोर

शासन के व्यापक एजेंडे पर बात करते हुए साव ने कहा कि राज्य सरकार ने हमेशा लोगों तक बुनियादी सुविधाएं बेहतर करने और उनतक पहुंचाने पर ध्यान दिया है, चाहे वह आवास हो, स्वास्थ्य सेवा हो या शहरी बुनियादी ढांचा। उन्होंने कहा कि जनता ने भी सरकार के काम को अपने भरोसे से सराहा है। छत्तीसगढ़ सरकार मिला हुआ जनादेश जमीनी स्तर पर किए गए कामों की ही पहचान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार ने एक ऐसा पारदर्शी प्रशासन बनाने के लिए काम किया है जहां लोगों के काम तेजी से और बिना किसी देरी के पूरा हों।

बस्तर ओलंपिक्स से उभर रही नई खेल प्रतिभाएं

जब उनसे राज्य के युवाओं में खेल प्रतिभा को निखारने की कोशिशों के बारे में पूछा गया, तो साव ने छत्तीसगढ़ की उस ताकत के बारे में बताया जहां ग्रामीण और आदिवासी आबादी में स्वाभाविक रूप से खेल की क्षमता मौजूद है। उन्होंने बताया कि राज्य भर के गांवों में जिसमें पहले नक्सल-प्रभावित बस्तर इलाका भी शामिल है- वहां खेल लंबे समय से सामुदायिक परंपरा का हिस्सा रहे हैं, न कि सरकार द्वारा शुरू की गई कोई चीज।

उसी आधार को आगे बढ़ाते हुए, राज्य ने 2024 में 'बस्तर ओलंपिक्स' शुरू किया। यह एक सालाना कार्यक्रम है जिसे इलाके के आदिवासी और ग्रामीण युवाओं की प्रतिभा को पहचानने और उन्हें मंच देने के लिए बनाया गया है। साव ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ को 'खेलो इंडिया' कार्यक्रम के तहत पहले 'नेशनल ट्राइबल गेम्स' की मेजबानी के लिए भी चुना गया है। यह आदिवासी खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल मुख्यधारा में लाने के लिए राज्य की प्रतिबद्धता की पहचान है।

उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ में देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम है और राज्य को फुटबॉल से लेकर दूसरे खेलों तक, हर तरह के खेलों के लिए 'स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया' से मदद मिलती है।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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