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Hormuz में बढ़े टकराव से तेल में आग! Crude Price में 6% तक उछाल, Brent Crude 95 डॉलर पार

होर्मुज में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव बढ़ने की वजह से फिर से कच्चे तेल के दाम बढ़ रहे हैं। सोमवार सुबह इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड 90 और ब्रेंड क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल पार हो गया है।

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होर्मुज में संकट फिर बढ़ा

US-Iran के बीच Hormuz Strait में फिर से टकराव बढ़ गया है, जिससे ग्लोबल एनर्जी खतरा फिर बढ़ता दिख रहा है। यही वजह है कि क्रूड ऑयल के दाम 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गए हैं। जबकि, ब्रेंड क्रूड के दाम 95 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गए हैं। इससे पहले शुक्रवार को दोनों देशों की तरफ से शांतिवार्ता को आगे बढ़ाने और होर्मुज स्ट्रेट को सबके लिए खोलने का ऐलान किया था, जिसके बाद क्रूड और ब्रेंट क्रूड के दाम 10 से 14% तक घट गए थे।

लेकिन, अब बढ़ते तनाव ने एक बार फिर ग्लोबल ऑयल मार्केट को हिला दिया है। US और ईरान के बीच टकराव के चलते हॉर्मुज स्ट्रेट फिर से बंद है, जिससे तेल सप्लाई बाधित हुई है और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है।

ऑयल लाइफलाइन पर खतरा

Hormuz Strait में बढ़ते सैन्य तनाव ने ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर सीधा असर डाला है। यह स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम ऑयल रूट्स में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल एशिया और यूरोप तक पहुंचता है। ईरान की तरफ से इस रास्ते को नियंत्रित करने और टैंकरों की आवाजाही रुकने से सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ गया है, जिससे बाजार में घबराहट साफ दिख रही है।

तेल की कीमतों में जोरदार उछाल

सोमवार सुबह इंटनेशनल मार्केट के टोक्यो सेशन में Crude Oil की कीमत 6.4% बढ़कर 87.88 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि Brent Crude 6.5% उछलकर 96.25 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यह उछाल ऐसे समय आया है जब कुछ दिन पहले ही सप्लाई खुलने की उम्मीद में कीमतों में 9% की गिरावट आई थी। अचानक फैसले पलटने से बाजार में अनिश्चितता और बढ़ गई है।

कमोडिटीकीमत (USD/बैरल)बदलाव% बदलावपिछला बंद
Crude Oil (WTI क्रूड)87.88+5.29+6.40%82.59
Brent Crude (ब्रेंट क्रूड)96.25+5.87+6.50%90.38

US-ईरान टकराव ने बढ़ाई जंग की आंच

Donald Trump के नेतृत्व में अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी जारी रखी है, जिसके जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कई जहाजों पर फायरिंग की। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक ईरानी कार्गो शिप को जबरन कब्जे में भी लिया गया। यह घटनाएं दिखाती हैं कि हालात सिर्फ तनाव तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सीधे टकराव की स्थिति बन चुकी है।

8 हफ्तों की जंग से गहराया एनर्जी संकट

US-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध अब आठवें हफ्ते में पहुंच चुका है, जिसने दशकों का सबसे बड़ा एनर्जी संकट खड़ा कर दिया है। एशिया और यूरोप जैसे क्षेत्र, जो मिडिल ईस्ट से तेल पर निर्भर हैं, सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। पेट्रोल, डीजल और एविएशन फ्यूल की कीमतों में तेजी का असर अब आम उपभोक्ता और उद्योग दोनों पर दिख रहा है।

कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव

जंग शुरू होने से पहले तेल करीब 70 डॉलर प्रति बैरल था, जो बीच में 119 डॉलर तक पहुंच गया। हाल ही में यह 82-90 डॉलर के बीच स्थिर हुआ था, लेकिन नए तनाव ने फिर उछाल ला दिया। विश्लेषकों का कहना है कि अगर Hormuz को लंबे समय तक बाधित रखा गया, तो कीमतें और तेज बढ़ सकती हैं।

अमेरिका में भी बढ़ी महंगाई

भले ही ट्रंप बार-बार यह दावा कर रहे हैं कि अमेरिका को होर्मुज बंद होने से कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट के मुताबिक अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में बड़ी राहत अगले साल से पहले मुश्किल है। हालांकि, उनका मानना है कि कीमतें अपने पीक के करीब हो सकती हैं। फिलहाल, हालात यह संकेत दे रहे हैं कि सप्लाई सामान्य होने में महीनों लग सकते हैं, क्योंकि टैंकर बैकलॉग, सुरक्षा जोखिम और इंफ्रास्ट्रक्चर डैमेज जैसे कई फैक्टर बाधा बने हुए हैं।

बाजार के लिए बड़ा रेड अलर्ट

हॉर्मुज में बढ़ता तनाव सिर्फ एक क्षेत्रीय मुद्दा नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए खतरे का संकेत है। तेल की कीमतों में तेजी, सप्लाई बाधित होने का डर और जंग का विस्तार बाजारों में बड़ी वोलैटिलिटी ला सकता है। निवेशकों के लिए यह समय बेहद सतर्क रहने का है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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