EPFO New Rules : कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि (PF), पेंशन और बीमा से जुड़े काम अब पहले से ज्यादा तेज और जवाबदेह तरीके से करने की तैयारी की गई है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने सामाजिक सुरक्षा संहिता (Code on Social Security) के तहत Employees' Provident Funds Scheme, 2026, Employees' Pension Scheme, 2026 और Employees' Deposit-Linked Insurance (EDLI) Scheme, 2026 को अधिसूचित कर दिया है। इन नई योजनाओं का सबसे बड़ा उद्देश्य डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देना और कर्मचारियों के क्लेम का समय पर निपटान सुनिश्चित करना है।
20 दिन में क्लेम नहीं निपटाया तो लगेगा 12% इंटरेस्ट
नई योजनाओं के तहत यदि भविष्य निधि (PF), पेंशन या समूह बीमा (EDLI) से जुड़ा कोई दावा सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ पूरा होने के बावजूद 20 दिनों के भीतर नहीं निपटाया जाता है, तो संबंधित आयुक्त (Commissioner) पर कार्रवाई हो सकती है। योजना में स्पष्ट प्रावधान किया गया है कि बिना पर्याप्त कारण के देरी होने पर 12% सालाना की दर से पेनल इंटरेस्ट लगाया जा सकता है। यह ब्याज लाभार्थी की राशि पर निकाला जाएगा और इसकी वसूली संबंधित आयुक्त के वेतन से की जा सकती है।
पहले भी था प्रावधान, लेकिन अब तय हुई ब्याज दर
ET की रिपोर्ट के मुताबिक क्लेम में देरी पर ब्याज देने का प्रावधान पहले की योजनाओं में भी मौजूद था। हालांकि पहले अधिकारियों को EPF पर घोषित ब्याज दर के आधार पर भुगतान करना पड़ता था। अब इस व्यवस्था को अधिक स्पष्ट बनाते हुए 12% की निश्चित पेनल ब्याज दर तय कर दी गई है। नई योजनाओं में कर्मचारियों और नियोक्ताओं (Employers) के योगदान में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। कर्मचारी और नियोक्ता दोनों पहले की तरह बेसिक वेतन का 12% योगदान देंगे। नियोक्ता के 12% योगदान में से 8.33% पेंशन योजना में जाएगा, जबकि केंद्र सरकार पहले की तरह 1.16% का योगदान जारी रखेगी।
डिजिटल कंप्लायंस पर रहेगा सबसे ज्यादा फोकस
नई व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव डिजिटल सेवाओं को लेकर किया गया है। सरकार चाहती है कि EPFO से जुड़ी लगभग सभी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हों, ताकि कर्मचारियों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और क्लेम, पेंशन, KYC तथा अन्य सेवाएं समय पर मिल सकें। इसी मकसद से EPFO के अधीन आने वाले Exempted Establishments और PF Trusts को भी अपने सदस्यों के लिए ऑनलाइन क्लेम और अन्य आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है।
पुरानी योजनाओं की जगह लेंगी नई स्कीमें
नई अधिसूचित योजनाएं लागू होने के बाद Employees' Provident Funds Scheme, 1952, Employees' Family Pension Scheme, 1971, Employees' Pension Scheme, 1995 और Employees' Deposit-Linked Insurance Scheme, 1976 की जगह लेंगीी।
कर्मचारियों को क्या होगा फायदा?
नई व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों को PF निकासी, पेंशन निर्धारण और बीमा दावों जैसी सेवाएं तय समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराना है। डिजिटल प्रक्रिया को बढ़ावा मिलने से आवेदन, ट्रैकिंग और निपटान पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी और तेज होने की उम्मीद है। साथ ही, 20 दिन से अधिक देरी होने पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होने से कर्मचारियों को समय पर भुगतान मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।
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