बिजनेस

शेयर बाजार में भूचाल, 2 दिन में सेंसेक्स 1200 अंक टूटा, निवेशकों के 12 लाख करोड़ डूबे, अब आगे क्या?

Share Market Crash: आपको बता दें कि दो दिन की बड़ी गिरावट से निवेशकों के 12 लाख करोड़ डूब गए हैं। शुक्रवार को जब बाजार बंद हुआ था तो बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,70,96,826 करोड था। वह आज 10 बजे तक घटकर 4,58,88,820 करोड़ रुपय रह गया है। इस तरह निवेशकों के करीब 12 लाख करोड़ रुपये डूब गए हैं।

Image

शेयर मार्केट क्रैश

Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में दूसरे दिन बड़ी बिकवाली देखने को मिल रही है। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 490.23 अंक की गिरावट के साथ 84,612.46 अंक पर और निफ्टी 153.15 अंक फिसलकर 25,807.40 अंक पर खुला। हालांकि, अब गिरावट बढ़ गई है। बीएसई सेंसेक्स 657.04 अंक टूटकर 84,443.73 अंक पर कारोबार कर रहा है। इस तरह दो दिन में सेंसेक्स 1200 अंक से अधिक टूट गया है। आपको बता दें कि सोमवार को सेंसेक्स 609 अंक टूट कर 85,102.69 के लेवल पर बंद हुआ था। इसी तरह एनएसई निफ्टी भी 213.45 अंक टूटकर 25,746.30 अंक पर ट्रेड कर रहा है। बाजार में बड़ी बिकवाली से सारे इंडेक्स लाल में ट्रेड कर रहे हैं।

निवेशकों के 12 लाख करोड़ डूबे

आपको बता दें कि दो दिन की बड़ी गिरावट से निवेशकों के 12 लाख करोड़ डूब गए हैं। शुक्रवार को जब बाजार बंद हुआ था तो बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,70,96,826 करोड था। वह आज 10 बजे तक घटकर 4,58,88,820 करोड़ रुपय रह गया है। इस तरह निवेशकों के करीब 12 लाख करोड़ रुपये डूब गए हैं।

क्यों टूट रहा बाजार और अब आगे क्या?

मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि भारतीय बाजार में गिरावट के पीछे कई कारण हैं। इनमें अमेरिकी फेड के नतीजे की आशंका, वैश्विक बाजारों में गिरावट, भारतीय बाजार से विदेशी निवेशकों की बिकवाली, डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी और आज निफ्टी एक्सपायरी होना भी है। बाजार को 10 दिसंबर को अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले का इंतजार है। इस बार व्यापक रूप से 25-आधार-अंक की कटौती की उम्मीद है। विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिक्री ने भारतीय इक्विटी पर दबाव डाला, विदेशी फंडों ने दिसंबर में अपनी निकासी की गति को बढ़ा दिया।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा, "रुपये की लगातार गिरावट से एफआईआई बाजार में लगातार बेचने को मजबूर हो रहे हैं। एक अन्य प्रमुख कारक जापानी बॉन्ड यील्ड में उछाल है, जो येन कैरी ट्रेड के उलटफेर को ट्रिगर कर सकता है। संक्षेप में, उच्च अस्थिरता की संभावना है। इसलिए छोटे निवेशकों को अभी काफी सावधानी बरतने की जरूरत है। अभी कोई भी नया पैसा डालने से बचें।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

और पढ़ें
End of Article