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Dunzo के को-फाउंडर दलवीर सूरी छोड़ रहे कंपनी, 2015 में किया था जॉइन

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Oct 2, 2023, 03:51 PM IST

Dunzo: हाइपरलोकल क्विक कॉमर्स कंपनी डंजो (Dunzo) कर्मचारियों की सैलरी रोकने वाली खबरों से चर्चा में रहती है। अब कंपनी अपने को-फाउंडर दलवीर सूरी के फैसले को लेकर चर्चा में है।

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दलवीर सूरी

Photo : Twitter

Dunzo: हाइपरलोकल क्विक कॉमर्स कंपनी डंजो (Dunzo) कर्मचारियों की सैलरी रोकने वाली खबरों से चर्चा में रहती है। अब कंपनी अपने को-फाउंडर दलवीर सूरी के फैसले को लेकर चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सूरी ने कंपनी छोड़ने का फैसला कर लिया है। Dunzo के सीईओ कबीर बिस्वास ने ईमेल के माध्यम से कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी है। Dunzo की शुरुआत साल 2014 में हुई थी।

Dunzo के 4 को-फाउंडर

दलवीर सूरी ने कंपनी को मजबूत करने में अहम योगदान दिया है। उन्होंने मई 2015 में जब Dunzo का दामन थामा, तब वह केवल वॉट्सऐप पर ऑर्डर एक्सेप्ट करती थी। Dunzo के 4 को-फाउंडर हैं - कबीर बिस्वास, दलवीर सूरी, अंकुर अग्रवाल और मुकुंद झा। हालांकि, बिस्वास अकेले ऐसे को-फाउंडर हैं, जिनके पास कंपनी में इक्विटी है। बिस्वास की Dunzo में करीब 3।6 प्रतिशत हिस्सेदारी है। जबकि सूरी, अग्रवाल और झा को केवल फिक्स्ड सैलरी मिलती है।

कंपनी में आ रही ये दिक्कतें

दलवीर सूरी के कंपनी छोड़ने की खबर ऐसे समय आई है, जब डंजो (Dunzo) नकदी की कमी सहित तमाम समस्याओं से जूझ रही है। बताया जा रहा है कि सूरी पहले भी कंपनी छोड़ने का मन बना चुके थे, लेकिन CEO कबीर बिस्वास के साथ बातचीत के बाद उन्होंने अपना मन बदल लिया था, लेकिन इस बार उनका जाना तय है। सूरी वैसे तो कंपनी के सभी ऑपरेशन्स देखते थे, मगर उन पर विशेष रूप से Dunzo के B2B कारोबार को बढ़ाने की जिम्मेदारी थी। गौरतलब है कि डंजो क्विक-कॉमर्स बिजनेस से फोकस कम करके B2B कारोबार पर ज्यादा ध्यान दे रही है। क्योंकि क्विक-कॉमर्स में उसे घाटा हो रहा है।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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