आज के डिजिटल दौर में ज्यादातर लोग रेलवे स्टेशन की लंबी लाइनों में लगने के बजाय घर बैठे ऑनलाइन ही ट्रेन टिकट बुक करना पसंद करते हैं। आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट या ऐप से टिकट बुक करना बेहद आसान तो है, लेकिन अक्सर जल्दबाजी में हम कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जो बाद में हम पर भारी पड़ती हैं। टिकट बुक करते समय हमारे सामने स्क्रीन पर कुछ ऐसे महत्वपूर्ण विकल्प (Options) आते हैं, जिन्हें हम बिना पढ़े या बिना समझे 'चेक' (Tick) किए बिना ही आगे बढ़ जाते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो आप न सिर्फ एक सुरक्षित यात्रा का मौका खो रहे हैं, बल्कि कंफर्म टिकट मिलने की संभावना को भी कम कर रहे हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 3 जरूरी ऑप्शंस के बारे में, जिन्हें आपको कभी नहीं छोड़ना चाहिए।
ऑटो अपग्रेडेशन
इस लिस्ट में सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण विकल्प है 'ऑटो अपग्रेडेशन' (Auto Upgradation) का। जब आप टिकट बुक करते हैं, तो पैसेंजर डिटेल भरने के बाद नीचे एक छोटा सा बॉक्स दिखाई देता है जिस पर ऑटो अपग्रेडेशन लिखा होता है। बहुत से लोग सोचते हैं कि इसके लिए अलग से पैसे देने होंगे, इसलिए वे इसे छोड़ देते हैं। लेकिन आपको बता दें कि यह पूरी तरह मुफ्त होता है। अगर आप इस पर टिक करते हैं, तो चार्ट बनते समय यदि ऊपरी क्लास (जैसे स्लीपर से थर्ड एसी, या थर्ड एसी से सेकंड एसी) में कोई सीट खाली रह जाती है, तो रेलवे बिना कोई अतिरिक्त पैसा लिए आपकी सीट को ऊपर की क्लास में अपग्रेड कर देता है। यानी स्लीपर के टिकट पर एसी का मजा!
बुक तभी करें जब कंफर्म बर्थ मिले
दूसरा कमाल का ऑप्शन है 'बुक ओनली इफ कन्फर्म बर्थ आर अलॉटेड' (Book only if confirmed berths are allotted)। कई बार जब हम टिकट बुक कर रहे होते हैं, तो सीटें बहुत कम बची होती हैं। जैसे ही हम पेमेंट की तरफ बढ़ते हैं, पीछे से सीट बुक हो जाती है और हमें वेटिंग टिकट मिल जाता है। अगर आप नहीं चाहते कि आपका पैसा फंसे और आपको वेटिंग टिकट मिले, तो इस ऑप्शन को जरूर चुनें। इस पर टिक करने का फायदा यह होता है कि अगर पेमेंट प्रोसेस होने तक आपको कंफर्म सीट मिल रही होगी, तभी आपका टिकट बुक होगा और पैसे कटेंगे, वरना आपका ट्रांजैक्शन अपने आप कैंसिल हो जाएगा और आपको वेटिंग टिकट की झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।
ट्रेवल इंश्योरेंस को ना कहें भूलकर भी
तीसरा विकल्प है 'ट्रेवल इंश्योरेंस' (Travel Insurance) यानी यात्रा बीमा का। टिकट बुकिंग के आखिरी चरण में आपसे पूछा जाता है कि क्या आप ट्रेवल इंश्योरेंस लेना चाहते हैं? इसके लिए रेलवे मात्र 35 से 45 पैसे प्रति यात्री चार्ज करता है। इतनी मामूली रकम होने के बावजूद लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन भगवान न करे, अगर यात्रा के दौरान ट्रेन के साथ कोई दुर्घटना या अप्रिय घटना हो जाए, तो यह छोटा सा इंश्योरेंस पीड़ित परिवार को लाखों रुपये की आर्थिक मदद (अस्पताल के खर्च से लेकर मृत्यु के दावे तक) दिला सकता है। इसलिए महज कुछ पैसों के चक्कर में अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा से समझौता कभी न करें।
अगली बार जब भी आप अपनी यात्रा के लिए आईआरसीटीसी (IRCTC) पर लॉगिन करें, तो हड़बड़ी में टिकट बुक करने के बजाय स्क्रीन पर आ रहे इन तीनों विकल्पों को ध्यान से देखें और उन पर टिक जरूर करें। ये छोटे-छोटे विकल्प आपकी यात्रा को न केवल सुरक्षित और आरामदायक बनाते हैं, बल्कि आपको बिना किसी अतिरिक्त खर्च के बेहतर सुविधाएं मिलने का मौका भी देते हैं। स्मार्ट ट्रैवलर बनें और रेलवे द्वारा दी जा रही इन बेहतरीन सुविधाओं का पूरा फायदा उठाएं।
