आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को सऊदी अरब से एक बार फिर राहत मिली है। सऊदी अरब ने इस साल अप्रैल में पाकिस्तान को दी गई 3 अरब डॉलर की वित्तपोषण सुविधा की अवधि बढ़ा दी है। हालांकि, यह सुविधा अब कितने समय तक जारी रहेगी, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने बुधवार को संसद भवन में पत्रकारों से बातचीत में इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इसकी अवधि बढ़ा दी गई है और यह उचित अवधि के लिए है।
अखबार 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, जब उनसे पूछा गया कि इस सुविधा की अवधि कितनी बढ़ाई गई है, तो उन्होंने कहा कि आपको इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है कि यह कितने समय के लिए है, क्योंकि हमारे बीच इस तरह के रणनीतिक संबंध हैं। उनसे यह सवाल इसलिए किया गया था, क्योंकि वित्तपोषण सुविधा की अवधि 31 अक्टूबर को समाप्त हो रही थी।
लगातार कर्ज के भरोसे चल रहा पाकिस्तान
सऊदी अरब ने अप्रैल में पाकिस्तान को 3 अरब डॉलर की यह वित्तपोषण सुविधा दी थी। इससे पहले पाकिस्तान ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को 3.5 अरब डॉलर लौटाए थे। शुरुआत में सऊदी अरब की यह सुविधा तीन महीने के लिए थी।
औरंगजेब ने बताया कि सऊदी अरब ने पाकिस्तान की वित्तपोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए 5 अरब डॉलर की एक अन्य सहायता भी दी थी। इसकी अवधि पहले ही बढ़ाकर 2028 तक कर दी गई है। हालांकि, अतिरिक्त सहायता मांगे जाने के सवाल पर वित्त मंत्री ने इनकार किया।
उन्होंने कहा कि फिलहाल पाकिस्तान को अतिरिक्त मदद की जरूरत नहीं है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार तीन महीने से अधिक के आयात के लिए पर्याप्त है। सरकार की योजना पूंजी बाजारों के जरिये इसे मजबूत कर साल के अंत तक चार महीने के आयात के बराबर करने की है।
अमेरिका से 10 अरब डॉलर की मदद पर क्या बोले वित्त मंत्री?
इस साल जुलाई में अमेरिका से मांगी गई 10 अरब डॉलर की 'एक्सचेंज स्टेबिलाइजेशन सपोर्ट फैसिलिटी' (ईएसएसएफ) की संभावनाओं पर भी वित्त मंत्री ने बात की। इस मामले में उन्होंने पहले जताई गई उम्मीदों को कुछ कम करते हुए कहा कि जुलाई में पाकिस्तान ने जिस चीज की मांग की थी, वह बाजार तक पहुंच थी और अब देश को यह पहुंच मिल गई है।
उनका इशारा सितंबर में पाकिस्तान की ओर से जारी किए गए 3 अरब डॉलर के बॉन्ड की तरफ था। इस बॉन्ड के लिए करीब 6 अरब डॉलर की बोलियां मिली थीं।
औरंगजेब ने कहा कि अगर ईएसएसएफ सुविधा मिल जाती है तो यह अच्छी बात होगी। यह नकदी सहायता के रूप में होगी। हालांकि, इसके बिना भी पाकिस्तान के पास यूरोबॉन्ड, पांडा बॉन्ड और रुपये से जुड़े डॉलर भुगतान वाले बॉन्ड जारी करने की योजनाएं हैं। उन्होंने बताया कि बैंकॉक में उनकी 70-80 संस्थागत निवेशकों के साथ बैठकें हुई थीं। इन निवेशकों ने पाकिस्तान के प्रति स्पष्ट रुचि दिखाई और पांच तथा 10 साल की अवधि वाले बॉन्ड के लिए प्रस्ताव भी उपलब्ध हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान अपनी वित्तीय योजना अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के मौजूदा कार्यक्रम से आगे की अवधि को ध्यान में रखकर बना रहा है।
दिसंबर में आईएमएफ से मिल सकती है 1.2 अरब डॉलर की किस्त
औरंगजेब ने यह भी बताया कि पाकिस्तान को 1.2 अरब डॉलर की राशि जारी करने की मंजूरी देने के लिए आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड की बैठक दिसंबर में होगी। इस मंजूरी के बाद पाकिस्तान को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
