Stock Market Nifty Sensex Closing Analysis : शेयर बाजार में पिछले चार-पांच दिन में तूफानी तेजी आई है। सेंसेक्स इस दौरान करीब 5000 अंक और निफ्टी 1500 अंक यानी चढ़ गया है। यानी दोनो ही इंडेक्स में करीब 7 फीसदी की तेजी आ चुकी है। वहीं, बाजार में जारी चौतरफा खरीदारी के चलते नवंबर में अब तक 4 दिन के कारोबार में निवेशकों की दौलत ₹19 लाख करोड़ बढ़ गई है।
गुरुवार को Sensex 2,008.61 अंक यानी 2.60% उछलकर 79,310.01 पर बंद हुआ। वहीं Nifty ने 576 अंक यानी 2.40% की छलांग लगाई और 24,536.60 के स्तर पर कारोबार खत्म किया। बाजार की इस तेजी से निवेशकों की दौलत में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है। महज 4 दिनों में BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹18.70 लाख करोड़ बढ़ गया है। आखिर अचानक बाजार में इतनी बड़ी तेजी क्यों आई? इसके पीछे 3 बड़े कारण हैं।
4 दिन में निवेशकों की दौलत ₹19 लाख करोड़ बढ़ी
शेयर बाजार में लगातार खरीदारी का असर कंपनियों की मार्केट वैल्यू पर भी दिखाई दिया। BSE के आंकड़ों के मुताबिक, 2 नवंबर को लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹482.75 लाख करोड़ था। 5 नवंबर को बाजार बंद होने पर यह बढ़कर ₹501.45 लाख करोड़ पहुंच गया। इस तरह 4 नवंबर तक के कारोबारी सप्ताह में 2 नवंबर के स्तर से कुल मार्केट कैप में करीब ₹18.70 लाख करोड़ की बढ़ोतरी हुई। यानी निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹19 लाख करोड़ का इजाफा हुआ है।
तेजी की सबसे बड़ी वजह क्या?
बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजहों में अमेरिका के Midterm Elections के नतीजे भी शामिल हैं। चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए राजनीतिक झटके के तौर पर देखा जा रहा है। बाजार को उम्मीद है कि चुनावी नतीजों के बाद अमेरिका की विदेश नीति और खासकर ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर रुख में बदलाव आ सकता है। इससे पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद बढ़ी है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह सकारात्मक संकेत है। इससे महंगाई, चालू खाते के घाटे और कंपनियों की लागत को लेकर चिंताएं कम होती हैं।
क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट
भारतीय बाजार के लिए कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। पिछले कारोबारी सत्र में Brent Crude की कीमत करीब 8.7% टूट गई थी। गुरुवार को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। हालांकि, इससे भी बड़ी राहत इंडियन बास्केट में क्रूड के दाम में आई कमी से मिली है।क्रूड के दाम में कमी आने से ग्लोबल बॉन्ड यील्ड भी घटी है। इन दोनों ही वजहो से डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती आई है। रुपये की मजबूती से निवेशकों का भारतीय बाजार को लेकर भरोसा बढ़ा है। गुरुवार को डॉलर के मुकाबले रुपया भी मजबूत होकर 94.47 के स्तर पर पहुंच गया।
विदेशी निवेशकों की वापसी और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी
भारतीय बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की वापसी भी तेजी का बड़ा कारण है। विदेशी निवेशकों ने 4 नवंबर को भारतीय शेयर बाजार में करीब ₹7,284 करोड़ की खरीदारी की। विदेशी पूंजी की वापसी से बाजार में लिक्विडिटी और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसके अलावा बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और ऑटो शेयरों में जोरदार खरीदारी ने बाजार को ऊपर खींचा। गुरुवार को Nifty Auto इंडेक्स 4.14%, Nifty Financial Services 3.99%, Nifty Bank 3.33% और Nifty Private Bank 3.44% चढ़कर बंद हुए।
