Diwali Stocks Picks : दिवाली के साथ शेयर बाजार में नए संवत 2083 की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि आने वाले एक से तीन साल में किन सेक्टरों में निवेश करना फायदेमंद हो सकता है? बाजार के दिग्गज निवेशक और GQuant के फाउंडर शंकर शर्मा ने तीन ऐसे सेक्टरों पर अपना भरोसा जताया है, जिनमें उन्हें लंबी अवधि में कमाई की अच्छी संभावनाएं नजर आती हैं। उनकी पसंद में फार्मा-टेक, डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर शामिल हैं।
शंकर शर्मा ने बिजनेस टुडे पर एक कार्यक्रम में बाजार और निवेश की संभावनाओं पर अपना नजरिया साझा किया। उनका मानना है कि भारतीय शेयर बाजार में अभी नए बुल मार्केट की घोषणा करना जल्दबाजी होगी। बाजार के सामने कई चुनौतियां मौजूद हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि निवेश के अवसर खत्म हो गए हैं। उनके मुताबिक, सही कंपनियों की पहचान करने वाले निवेशकों के लिए अभी भी मल्टीबैगर रिटर्न की संभावनाएं हैं।
हेल्थकेयर और टेक्नोलॉजी का कॉम्बिनेशन
शर्मा की पहली पसंद फार्मा-टेक सेक्टर है। हेल्थकेयर, दवा निर्माण और टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल से इस सेक्टर में लंबी अवधि के अवसर बन सकते हैं। भारत पहले से ही दुनिया के प्रमुख जेनेरिक दवा उत्पादकों में शामिल है। घरेलू स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय कंपनियों की मौजूदगी इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं, टेक्नोलॉजी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमेशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की बढ़ती भूमिका भी नई संभावनाएं पैदा कर रही है। कंपनियां टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश बढ़ा रही हैं। हालांकि, इस सेक्टर में निवेश करते समय कंपनियों की कमाई, वैल्यूएशन और भविष्य की ग्रोथ पर ध्यान देना जरूरी होगा।
डिफंसे में आत्मनिर्भरता से फायदा
शंकर शर्मा की दूसरी पसंद डिफेंस सेक्टर है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने रक्षा उपकरणों के घरेलू निर्माण और आयात पर निर्भरता कम करने पर जोर दिया है। आत्मनिर्भर भारत अभियान, रक्षा खरीद में स्वदेशी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी और निर्यात को बढ़ावा देने की नीतियां इस सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण अवसर पैदा कर रही हैं।
डिफेंस कंपनियों को घरेलू ऑर्डर के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी संभावनाएं मिल रही हैं। मिसाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, रडार, ड्रोन और अन्य आधुनिक रक्षा प्रणालियों की मांग इस क्षेत्र को लंबी अवधि में महत्वपूर्ण बना सकती है। हालांकि, निवेशकों को कंपनियों की ऑर्डर बुक के साथ-साथ ऑर्डर को समय पर पूरा करने की क्षमता और मुनाफे पर भी नजर रखनी चाहिए।
एयरोस्पेस में ग्लोबल अवसर
तीसरा सेक्टर एयरोस्पेस है। विमान निर्माण, विमान के कलपुर्जे, इंजन, एविएशन उपकरण और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में भारत की भागीदारी बढ़ने से इस क्षेत्र में नए अवसर बन सकते हैं। एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर के बीच भी मजबूत संबंध है। रक्षा विमान, हेलीकॉप्टर और अन्य एयरोस्पेस उपकरणों के घरेलू निर्माण से भारतीय कंपनियों को फायदा मिल सकता है। इसके अलावा, वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी और भारत में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने से भी इस सेक्टर को लंबी अवधि में गति मिल सकती है।
क्या अभी बड़ा निवेश करना सही है?
उनका मानना है कि भारतीय बाजार में स्टॉक पिकर्स के लिए मौके मौजूद हैं, लेकिन पूरे बाजार में तेजी की उम्मीद करना फिलहाल जल्दबाजी हो सकती है। निवेशकों के सामने ऊंचे वैल्यूएशन, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और भू-राजनीतिक तनाव जैसी चुनौतियां हैं। ऐसे माहौल में सिर्फ किसी लोकप्रिय सेक्टर के नाम पर शेयर खरीदना सही रणनीति नहीं होगी।
