होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता जारी है। भारत समेत पूरी दुनिया पर इसका असर देखा जा रहा है। कई देशों में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है, मगर इन सबके बीच पाकिस्तान से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। वैश्विक तनाव के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 5 रुपये (पाकिस्तानी रुपये) प्रति लीटर की कटौती की है। भारत के पड़ोसी देश में नई दरें 16 मई 2026 से लागू होंगी।
इस बाबत पाकिस्तान सरकार ने शुक्रवार को अधिसूचना भी जारी कर दी थी। इसमें बताया गया कि पेट्रोल की कीमत 5 रुपये घटाकर 409.78 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर कर दी गई है,जबकि हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमत भी 5 रुपये कम होकर 409.58 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
अब 15 नहीं सात दिनों में हो रही कीमतों की समीक्षा
आमतौर पर पाकिस्तान में ईंधन कीमतों की समीक्षा हर 15 दिन में की जाती थी,लेकिन मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने अब साप्ताहिक संशोधन प्रणाली अपनाई है। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण यह फैसला लिया गया है।पिछले हफ्ते बढ़े थे 15 रुपये
पाकिस्तान ने पेट्रोल-डीजल के रेट में यह कटौती ऐसे समय में की गई है जब एक सप्ताह पहले ही पाकिस्तान ने पेट्रोल और डीजल के दाम करीब 15 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए थे। तब सरकार ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े आपूर्ति संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को इसकी वजह बताया था।
भारत में बीते दिन हुआ था इतना इजाफा
इस तनाव का असर भारत पर भी पड़ रहा है। तेल और गैस का आयात उस तरह से नहीं हो पा रहा है जैसा पूर्व में होता था। इसी को देखते हुए बीते दिन तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी कर दी थी। इस बढ़ोतरी के बाद नयी दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
108 डॉलर के ऊपर बना हुआ है ब्रेंट क्रूड
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 108 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है। अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं ने बाजार को अस्थिर कर रखा है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य से दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी आपूर्ति गुजरती है, इसलिए वहां तनाव बढ़ने का असर सीधे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है।
पाकिस्तान पर बढ़ा आर्थिक दबाव
पाकिस्तान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयातित पेट्रोलियम उत्पादों और एलएनजी पर निर्भर है। ऐसे में वैश्विक कीमतों में उछाल का सीधा असर उसकी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। ईंधन महंगा होने से परिवहन, बिजली उत्पादन और खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर दबाव बढ़ता है, जिससे महंगाई को लेकर चिंताएं और गहरी हो गई हैं।
