बिजनेस

PF ब्याज दर पर फैसला आज, करोड़ों EPFO मेंबर्स को लगेगा झटका या मिलेगी खुशखबरी!

PF Interest Rates: रिटायरमेंट फंड निकाय कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) की बैठक आज ( 28 फरवरी) हो रही है। जिसमें प्रोविडेंड फंड (PF) के ब्‍याज दर को लेकर फैसला लिया जा सकता है। यहां जानिए पिछले 8 साल में कितनी बढ़ी या घटी ब्याज दरें और वर्तमान में कितना है।

Image

रिटायरमेंट फंड पीएफ पर ब्याज दरें कितनी (तस्वीर-Canva)

PF Interest Rates: रिटायरमेंट फंड निकाय की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था EPFO सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) आज वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए ब्याज दर (Interest Rate) तय करने के लिए बैठक करेगी। उम्मीद है कि गिरते बाजार और बॉन्ड यील्ड के बीच EPFO दर को 8.25% पर बनाए रख सकता है। सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा दी जाने वाली सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए कई उपाय शुरू किए हैं, जो रिटायरमेंट फंड निकाय के पोर्टल का उपयोग करते समय सब्सकाइबर्स के अनुभव को बढ़ाने के लिए उत्सुक है।

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री की अगुआई में गठित सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) में कर्मचारी संघों, ट्रेड यूनियनों और केंद्र तथा राज्य सरकारों के सरकारी अधिकारियों के प्रतिनिधि शामिल हैं। EPFO वर्तमान में भविष्य निधि जमा (Provident Fund Deposits) पर 8.25% की ब्याज दर प्रदान करता है और रिपोर्टों से पता चलता है कि रिटायरमेंट फंड निकाय चालू वित्त वर्ष के लिए भी इसी दर को जारी रख सकता है। वित्त मंत्रालय द्वारा इसकी पुष्टि किए जाने से पहले 28 फरवरी को सीबीटी द्वारा इस दर को पहले मंजूरी दी जानी है।

पिछले 8 सालों में ईपीएफ ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। साल 2016-17 में यह दर 8.65 फीसदी थी 2023-24 में सरकार ने ब्याज दरें 8.25 फीसदी तय की। पिछले 8 साल में PF पर किस दर से ब्याज मिलता रहा है। यहां जानिए।

  • वित्त वर्ष 2016-17 में 8.65 प्रतिशत
  • वित्त वर्ष 2017-18 में 8.55 प्रतिशत
  • वित्त वर्ष 2018-19 में 8.65 प्रतिशत
  • वित्त वर्ष 2019-20 में 8.50 प्रतिशत
  • वित्त वर्ष 2020-21 में 8.50 प्रतिशत
  • वित्त वर्ष 2021-22 में 8.10 प्रतिशत
  • वित्त वर्ष 2022-23 में 8.15 प्रतिशत
  • वित्त वर्ष 2023-24 में 8.25 प्रतिशत

क्या है EPF

ईपीएफ यानी Employee Provident Fund एक सरकारी स्कीम है जो कर्मचारियों को भविष्य के लिए बचत करने में मदद करती है। इसके तहत कर्मचारी अपनी सैलरी का एक हिस्सा ईपीएफओ में जमा करते हैं।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

End of Article