भारत किसी से कम नहीं, अश्विनी वैष्णव बोले- ‘सेकेंड टियर AI पावर’ का टैग भारत को मंजूर नहीं
- Edited by: आलोक कुमार
- Updated Jan 21, 2026, 01:10 PM IST
Davos 2026: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत डिजाइन, फैब्रिकेशन, पैकेजिंग, मटीरियल, गैस और इक्विपमेंट को मिलाकर एक व्यापक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने पर फोकस कर रहा है, जिससे देश एक भरोसेमंद ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई-चेन हब के रूप में स्थापित हो सके।
अश्विनी वैष्णव
Davos 2026: भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वर्ल्ड दवोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 (WEF) में मंगलवार को IMF लीडरशिप की उन टिप्पणियों का कड़ा जवाब दिया, जिसमें भारत को "सेकंड-टियर" आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पावर बताया गया था। उन्होंने दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में कहा कि ग्लोबल असेसमेंट के मुताबिक भारत दुनिया के टॉप AI-रेडी देशों में से एक है। वैष्णव ने एक सेशन के दौरान IMF के टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए ए कहा, "मुझे नहीं पता कि IMF का क्राइटेरिया क्या है, लेकिन स्टैनफोर्ड AI तैयारी के मामले में भारत को दुनिया में तीसरे स्थान पर रखता है। मुझे नहीं लगता कि आपका क्लासिफिकेशन सही है।" उन्होंने आगे कहा कि AI लीडरशिप को सिर्फ एक बड़ा मॉडल बनाने की क्षमता तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे किसी देश की पूरी तरह से मजबूत टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम बनाने की क्षमता से परिभाषित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "एक बड़ा AI मॉडल बनाने से आपको देश के तौर पर ताकत नहीं मिलती," और इस तरह उन्होंने टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट के लिए भारत के बड़े नजरिए के बारे में बताया।
AI को लेकर भारत की तैयारियों के बारे में बताया
केंद्रीय मंत्री ने इस क्षेत्र में भारत की प्लानिंग के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने दावोस में WEF में एक पैनल चर्चा में कहा कि भारत डिजाइन, फैब्रिकेशन, पैकेजिंग, मटीरियल, गैस और इक्विपमेंट को मिलाकर एक व्यापक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने पर फोकस कर रहा है, जिससे देश एक भरोसेमंद ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई-चेन हब के रूप में स्थापित हो सके। उनके अनुसार, बदलती भू-राजनीतिक और आर्थिक वास्तविकताओं के बीच ग्लोबल इंडस्ट्री भारत को एक भरोसेमंद पार्टनर के रूप में देख रही है।
उन्होंने भारत के AI इकोसिस्टम में बढ़ते अंतरराष्ट्रीय भरोसे की ओर भी इशारा किया, जिसमें गूगल की बढ़ती प्रतिबद्धता का जिक्र किया, जिसमें आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 15 अरब डॉलर का AI डेटा सेंटर और भारतीय स्टार्टअप के साथ गहरी पार्टनरशिप शामिल है।
5वीं औद्योगिक क्रांति हमारी उपलब्धि
भारत की रणनीति को "5वीं औद्योगिक क्रांति" बताते हुए, वैष्णव ने इस बात पर जोर दिया कि AI में लंबे समय तक नेतृत्व आर्थिक व्यवहार्यता से तय होगा, न कि तकनीकी दिखावे से। उन्होंने कहा, "हमें 5वीं औद्योगिक क्रांति के अर्थशास्त्र को समझना होगा।" "इस क्रांति का अर्थशास्त्र ROI से आएगा। ROI सबसे कम लागत वाले सॉल्यूशन को डिप्लॉय करके सबसे ज़्यादा संभव रिटर्न पाने से आएगा।"
वैष्णव की टिप्पणियां दावोस में भारत की उस बात को उजागर करती हैं कि भारत एक टेक्नोलॉजी पावर है जो स्केल, किफायतीपन और एंड-टू-एंड क्षमता पर केंद्रित है, जो उन ग्लोबल बातों को चुनौती देती है, जो उनके अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में देश की तैयारी और महत्वाकांक्षा को कम आंकती हैं।
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