Crude Oil Price at Pre War Level : पश्चिम एशिया में कई सप्ताह से जारी तनाव के बीच भारत और वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। ईरान और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम समझौते के बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग हॉर्मुज जलडमरूमध्य से भारत से जुड़े 30 मालवाहक जहाज सुरक्षित निकल चुके हैं। वहीं 26 अन्य जहाज फिलहाल अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। समुद्री यातायात सामान्य होने की उम्मीद बढ़ने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई है। अब क्रूड ऑयल के दाम युद्ध पूर्व स्तर पर पहुंच गए हैं।
शिपिंग मंत्रालय के सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारत आ रहे 30 जहाज अब तक Hormuz Strait पार कर चुके हैं। जबकि, 26 होर्मुज से निकलने को तैयार हैं। होर्मुज से निकले 30 जहाजों में 15 LNG/LPG शिप हैं। 8 बल्क कार्गो शिप हैं और 7 क्रूड ऑयल लेकर आ रहे हैं। वहीं, जो 26 जहाज होर्मुज पार करने की तैयारी में है उनमें से 3 एनर्जी कार्गो, 10 उर्वरक और 13 अन्य सामान से भरे बताए गए हैं। होर्मुज से भारत के लिए निकले 30 जहाजों में से 17 विदेशी झंडे वाले हैं, लेकिन उनका गंतव्य भारत है या वे भारतीय व्यापारिक हितों से जुड़े हुए हैं। इनमें सबसे अधिक 5 जहाज मार्शल आइलैंड्स में पंजीकृत हैं।
समझौते के बाद तेजी से सामान्य हो रहे हालात
हॉर्मुज दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में शामिल है। वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। युद्ध के दौरान यह मार्ग बाधित होने की आशंका से पूरी दुनिया चिंतित थी। 1 मार्च से 17 जून के बीच केवल 19 ऐसे जहाज इस रास्ते को पार कर पाए, जिनसे भारत के हित जुड़े थे। वहीं, लेकिन ईरान और अमेरिका के बीच अंतरिम समझौते के बाद कुछ ही दिनों में यह संख्या 30 हो गई है। अमेरिकी ऊर्जा विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों में लगभग 72 जहाजों के जरिये करीब 2 करोड़ बैरल क्रूड ऑयल इस रास्ते से गुजरा है। हालांकि, समुद्र में पहले से मौजूद बारूदी सुरंगों के कारण जहाजों की गति अभी सामान्य से धीमी बनी हुई है और सुरक्षा बलों की निगरानी में यातायात कराया जा रहा है।
कच्चे तेल में बड़ी गिरावट
समुद्री आपूर्ति सामान्य होने और ईरान पर प्रतिबंधों में संभावित ढील की खबरों से तेल बाजार में तेज गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड 4.3 प्रतिशत टूटकर 73.74 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। वहीं, WTI क्रूड 3.9 प्रतिशत गिरकर 70.34 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। यह करीब युद्ध पूर्व स्थिति है। युद्ध शुरू होने से पहले क्रूड 70 से 67 डॉलर प्रति बैरल के बीच था।
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