नई दिल्ली। विश्वभर की कई कंपनियों में छंटनी की जा रही है। कंपनियां बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रही है। माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर (Twitter) के बाद मेटा (Meta), ई- कॉमर्स दिग्गज अमेजन (Amazon) और कई कंपनियों ने छंटनी की। इस बीच विप्रो (Wipro) और टीसीएस जैसी प्रमुख कंपनियों में नौकरी के अवसर हैं। हालांकि वित्त वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही में टाटा कंसल्टेंसी सर्विस, इंफोसिस (Infosys) और एचसीएल टेक (HCL Tech) जैसी प्रमुख भारतीय आईटी और कंपनियों में फ्रेशर हायरिंग (Fresher hiring) में गिरावट आई है।
हायरिंग का प्लान बना रही विप्रो
देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी में से एक विप्रो लिमिटेड लगभग 8,000 फ्रेशर्स को नियुक्त करने का प्लान बना रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, विप्रो करीब 8,000 कैंपस हायरिंग (Campus Hiring) करने की योजना बना रही है। इस भर्ती अभियान के तहत आईटी और फाइनेंस स्नातकों का चयन किया जा सकता है। फ्रेशर्स के लिए यह निश्चित रूप से अच्छी खबर है कि विप्रो 8,000 लोगों को नौकरी दे रही है। भर्ती की बाकी जानकारी जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें ताकि कोई अपडेट न छूटे।
टीसीएस भी करेगी भर्ती!
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज या TCS ने कहा है कि वह वित्तीय वर्ष 2024 के लिए ज्यादा कर्मचारियों को काम पर रखने की दिशा में काम करेगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, वित्त वर्ष 24 के लिए टीसीएस की योजना लगभग 1.25 लाख से 1.5 लाख कर्मचारियों को काम पर रखने की है। पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, टीसीएस ने दिसंबर 2022 तिमाही के लिए कर्मचारियों की संख्या में मामूली गिरावट दर्ज की है। हालांकि, टीसीएस नई भर्तियां करके कार्यबल में इस नुकसान की भरपाई करने की दिशा में काम कर रही है। टीसीएस की ओर से तीसरी तिमाही के नतीजों की घोषणा के बाद कंपनी के मुख्य कार्यकारी और प्रबंध निदेशक राजेश गोपीनाथन ने कहा कि भर्ती का कुल रुझान पिछली तिमाहियों की तरह ही नियुक्तियों के लगभग समान स्तर का संकेत देता है।
