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LPG Price: कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर हो गया सस्ता, 58.5 रु की हुई कटौती, जानें अब कितना होगा नया दाम

LPG Cylinder Price: ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में 58.50 रुपये की कटौती की है, जो 1 जुलाई से प्रभावी होगी। दिल्ली में, इससे कमर्शियल गैस सिलेंडर की नई कीमत घटकर 1,665 रुपये प्रति सिलेंडर रह गई है। बता दें कि इससे पहले जून में तेल कंपनियों ने कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 24 रुपये की कटौती की थी, जिससे इसकी कीमत 1,723.50 रुपये रह गई थी।

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कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर हो गया सस्ता

KEY HIGHLIGHTS
  • LPG हुआ सस्ता
  • कमर्शियल सिलेंडर के दाम घटे
  • 58.5 रु की हुई कटौती

LPG Cylinder Price: ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में 58.50 रुपये की कटौती की है, जो 1 जुलाई से प्रभावी होगी। दिल्ली में, इससे कमर्शियल गैस सिलेंडर की नई कीमत घटकर 1,665 रुपये प्रति सिलेंडर रह गई है। बता दें कि इससे पहले जून में तेल कंपनियों ने कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 24 रुपये की कटौती की थी, जिससे इसकी कीमत 1,723.50 रुपये रह गई थी। अप्रैल में इसकी कीमत 1,762 रुपये थी। फरवरी में इसमें 7 रुपये की मामूली कटौती की गई, लेकिन मार्च में इसमें 6 रुपये की बढ़ोतरी के साथ थोड़ा उलटफेर हुआ।

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घरेलू सिलेंडर के दाम नहीं घटे

तेल मार्केटिंग कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम घटाए हैं। मगर घरेलू 14.2 किलो सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। जहां तक कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों का सवाल है तो छोटे व्यवसायों के लिए, यह कटौती बहुत ज़रूरी राहत लेकर आई है।

होटल, रेस्टोरेंट और अन्य वाणिज्यिक उपयोगकर्ता अपने दैनिक कार्यों के लिए इस ईंधन पर बहुत अधिक निर्भर हैं।

एलपीजी की खपत

भारत में कुल एलपीजी का लगभग 90 प्रतिशत घरेलू खाना पकाने के लिए उपयोग किया जाता है। बाकी 10 प्रतिशत कमर्शियल, औद्योगिक और मोटर वाहन क्षेत्रों में यूज होती है। कमर्शियल रेट में उतार-चढ़ाव होने पर भी घरेलू सिलेंडर की कीमतें अक्सर स्थिर रहती हैं।

मई 2025 में भारत की कच्चे तेल की बास्केट की औसत लागत घटकर 64.5 डॉलर प्रति बैरल रह गई, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे कम है। इस गिरावट से तेल कंपनियों पर दबाव कम होने की उम्मीद है। यदि कच्चे तेल की कीमतें 65 डॉलर के आसपास रहती हैं, तो तेल कंपनियों को उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष 2026 में एलपीजी से संबंधित घाटे में लगभग 45 प्रतिशत की कमी आएगी।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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