Upcoming IPO: भारतीय शेयर बाजार में प्राइमरी मार्केट में साल 2025 की शुरुआत शांत रहने के बाद अब जोरदार वापसी देखने को मिल रही है। अप्रैल के अंत में ऐथर एनर्जी के IPO के बाद मई से अब तक 15 मेनबोर्ड IPO बाजार में आ चुके हैं, और जुलाई के पहले सप्ताह में दो और खुलने वाले हैं। मजबूत मैक्रोइकॉनॉमिक रुझान, अच्छे मॉनसून और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ब्याज दरों में कटौती ने बाजार में लिक्विडिटी और उत्साह को बढ़ाया है। निफ्टी के ऊपरी स्तरों की ओर बढ़ने से प्राइमरी मार्केट में भी गति आई है।
ये भी पढ़ें -
74 कंपनियां IPO लाने को तैयार
हाल के IPOs के शानदार लिस्टिंग प्रदर्शन ने रिटेल और संस्थागत निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। हेम सिक्योरिटीज की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट आस्था जैन के अनुसार, “द्वितीयक बाजार (सेकेंडरी मार्केट) में मौजूदा तेजी और निफ्टी के उच्च स्तरों ने प्राइमरी मार्केट में उत्साह पैदा किया है।”
प्राइम डेटाबेस के मुताबिक, 74 कंपनियां सेबी की मंजूरी के साथ IPO लाने को तैयार हैं, जो इस साल पब्लिक इश्यू की लॉन्चिंग में तेजी का संकेत है।
ये कंपनियां लाएंगी IPO
कई बड़ी कंपनियां जैसे NSDL, हीरो फिनकॉर्प, JSW सीमेंट, LG इलेक्ट्रॉनिक्स, केंट RO सिस्टम्स, ब्लूस्टोन ज्वैलरी, और विक्रम सोलर इस बाजार उछाल का लाभ उठाने को तैयार हैं।
LG इलेक्ट्रॉनिक्स का प्रस्तावित ₹15,000 करोड़ का IPO, यदि लॉन्च हुआ, तो 2025 का सबसे बड़ा IPO हो सकता है। वहीं, NSDL का ₹3,400 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) भी चर्चा में है, जिसमें IDBI बैंक, NSE, SBI, HDFC बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया हिस्सेदारी बेच रहे हैं।
किन फैक्टर्स का दिख रहा असर
हीरो फिनकॉर्प (₹3,668 करोड़), विक्रम सोलर (₹7,000 करोड़), JSW सीमेंट (₹4,000 करोड़), डोर्फ-केतल केमिकल्स (₹5,000 करोड़), और अवान्स फाइनेंशियल (₹3,000 करोड़) जैसे बड़े IPO भी बाजार में आने को तैयार हैं।
जानकारों का मानना है कि ब्याज दरों में कटौती, स्थिर रुपये, कच्चे तेल की कम कीमतें, और वैश्विक तरलता की वापसी ने पूंजी जुटाने के लिए अनुकूल माहौल बनाया है। उपभोक्ता, विनिर्माण, रक्षा, और विशेष क्षेत्रों के प्रमोटर इस अवसर का लाभ उठा रहे हैं।
अगस्त-सितंबर में जमकर आएंगे IPO
सेबी के नियमों के अनुसार, कंपनियों को DRHP जमा करने के छह महीने के भीतर IPO लाना होता है, वरना नए वित्तीय आंकड़ों के साथ फिर से आवेदन करना पड़ता है। मार्च के आंकड़ों पर आधारित कंपनियों को सितंबर तक IPO लाना होगा, जिसके कारण अगस्त-सितंबर में IPO की बाढ़ आ सकती है।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर आगामी आईपीओ की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
