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NSE co-location scam: चित्रा रामकृष्ण, आनंद सुब्रमण्यन को मिली जमानत

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  • Updated Sep 28, 2022, 10:46 PM IST

NSE co-location scam: प्रवर्तन निदेशालय ने 2009 से 2017 के बीच कर्मचारियों के कथित फोन टैप के मामले में मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त संजय पांडे और NSE के पूर्व प्रमुखों के खिलाफ ECIR दर्ज की थी।

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NSE co-location scam: चित्रा रामकृष्ण, आनंद सुब्रमण्यन को मिली जमानत

Photo : BCCL

नई दिल्ली। बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की पूर्व प्रमुख चित्रा रामकृष्ण (Chitra Ramkrishna) और पूर्व ग्रुप ऑपरेटिंग अधिकारी आनंद सुब्रमण्यन (Anand Subramanian) को 'को-लोकेशन' के मामले में जमानत दे दी है। इस संदर्भ में न्यायमूर्ति सुधीर कुमार जैन ने एनएसई के दोनों पूर्व अधिकारियों को जमानत दी। फिलहाल अदालत के आदेश की विस्तृत कॉपी प्राप्त नहीं हुई है। रामकृष्ण अप्रैल 2013 से दिसंबर 2016 तक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी थीं।

2018 में दर्ज हुई थी FIR

मालूम हो कि एनएसई 'को-लोकेशन' मामले (NSE co location scam) की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई कर रही है। उल्लेखनीय है कि देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज में अनियमितताओं के बारे में खुलासा होने के बीच साल 2018 में इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा बाजार विनिमय के कंप्यूटर सर्वरों से स्टॉक ब्रोकरों को गलत तरीके से सूचना देने के आरोपों की जांच की जा रही है।

आनंद सुब्रमण्य को सीबीआई ने 24 फरवरी को गिरफ्तार किया था। वहीं चित्रा रामकृष्ण की गिरफ्तारी 6 मार्च को हुई थी। एजेंसी ने दावा किया कि चित्रा रामकृष्ण सुब्रमण्यन द्वारा संचालित एक बाहरी ईमेल-आईडी के साथ बातचीत कर रही थीं। इस मामले में पूरी साजिश का पता लगाने के लिए गवाहों की जांच जारी है।

ईडी ने दायर किया था आरोप पत्र

इस बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस महीने की शुरुआत में एनएसई के कर्मचारियों की कथित अवैध फोन टैपिंग और जासूसी से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में एनएसई की पूर्व प्रमुख, इसके पूर्व प्रबंध निदेशक रवि नारायण और मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त संजय पांडे के खिलाफ एक आरोप पत्र दायर किया था। मामले में 2,000 से भी ज्यादा पन्नों का आरोप पत्र दायर किया गया था। इसके अनुसार, इस मामले में फोन टैपिंग के मामले में आईसेक सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड को भी आरोपी बताया गया था।

डिंपल अलावाधी
डिंपल अलावाधीauthor

बिजनेस डेस्क पर कार्यरत डिंपल अलावाधी की कारोबार के विषयों पर अच्छी पकड़ है। पत्रकारिता में 5 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाली डिंपल की व्यापार में खास रुचि है। पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार और बैंकिंग सेक्टर के मामलों में विशेष दिलचस्पी है।

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