नए युग की शुरुआत! पहली बार चीन-मध्य एशिया व्यापार 100 अरब डॉलर पार
- Authored by: रामानुज सिंह
- Updated Jan 20, 2026, 10:11 AM IST
China Import-Export: चीनी वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, 2025 में चीन और पांच मध्य एशियाई देशों के बीच आयात-निर्यात का कुल व्यापार 106.3 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जो पहली बार 100 अरब डॉलर पार कर गया। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता कुओ च्याखुन ने कहा कि वैश्विक आर्थिक सुस्ती और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संकट के बावजूद, चीन-मध्य एशिया व्यापार तेजी से बढ़ रहा है।
चीन और मध्य एशियाई देशों के बीच व्यापार बढ़ा (तस्वीर-istock)
China Import-Export: चीनी वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2025 में चीन और पांच मध्य एशियाई देशों के बीच माल व्यापार, यानी आयात और निर्यात की कुल मात्रा पहली बार 100 अरब डॉलर के पार पहुंचकर 106.3 अरब अमेरिकी डॉलर हो गई। यह आंकड़ा चीन और मध्य एशिया के बीच बढ़ते आर्थिक और व्यापारिक सहयोग का नया मील का पत्थर साबित हो रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता कुओ च्याखुन ने राजधानी पेइचिंग में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वैश्विक आर्थिक विकास की सुस्ती और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रणाली पर आए गंभीर झटकों के बावजूद, चीन-मध्य एशिया आर्थिक और व्यापारिक सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि व्यापार की यह बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि चीन-मध्य एशिया तंत्र न केवल काम कर रहा है, बल्कि यह क्षेत्रीय सहयोग के लिए प्रेरक भी है। कुओ ने बताया कि पिछले एक साल में चीन और मध्य एशियाई देशों के बीच रिश्ते तेजी से विकसित हुए हैं। दोनों पक्षों ने ‘बेल्ट एंड रोड’ पहल के तहत सहयोग को और मजबूत किया है। लोगों के बीच आदान-प्रदान भी बढ़ा है, जिससे सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों में भी मजबूती आई है।
शिखर सम्मेलन ने बढ़ाई सहयोग की गति
विशेष रूप से, जून 2025 में कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में आयोजित दूसरे चीन-मध्य एशिया शिखर सम्मेलन ने दोनों पक्षों के बीच सहयोग के नए उच्च स्तर को दिखाया। कुओ ने कहा कि यह सम्मेलन व्यापार और निवेश के क्षेत्र में नए अवसरों को खोलने का एक महत्वपूर्ण कदम था। सम्मेलन में आर्थिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक सहयोग को और बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि चीन और मध्य एशियाई देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक सहयोग सिर्फ संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दोनों क्षेत्रों के साझा भविष्य और रणनीतिक भागीदारी को भी मजबूत कर रहा है।
'चीन-मध्य एशिया भावना' को बढ़ावा
आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक प्रवक्ता कुओ ने बताया कि एक नए ऐतिहासिक मोड़ पर खड़े होकर, चीन मध्य एशियाई देशों के साथ मिलकर ‘चीन-मध्य एशिया भावना’ को बढ़ावा देना चाहता है। इसका मतलब है कि दोनों पक्ष आपसी विश्वास, साझेदारी और सहयोग की भावना को और मजबूत करेंगे। इसके अलावा, चीन यह चाहता है कि चीन-मध्य एशिया तंत्र को और बेहतर बनाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सहयोग में नवाचार, उत्कृष्टता और व्यावहारिक परिणाम आएं। इसका मुख्य उद्देश्य है कि दोनों पक्ष मिलकर एक ऐसा घनिष्ठ और साझा भविष्य वाला समुदाय तैयार करें, जिसमें व्यापार, निवेश, तकनीक और संस्कृति सभी क्षेत्रों में लाभकारी साझेदारी हो। कुओ ने जोर देकर कहा कि चीन और मध्य एशियाई देशों के बीच सहयोग केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्रीय स्थिरता, सांस्कृतिक समझ और आपसी लाभ के लिए भी महत्वपूर्ण है।
भविष्य की संभावनाएं
विशेषज्ञ मानते हैं कि चीन-मध्य एशिया सहयोग में यह नई उपलब्धि एक लंबी अवधि के लिए रणनीतिक महत्व रखती है। व्यापार के इस रिकॉर्ड ने दोनों पक्षों को नई परियोजनाओं और निवेश के लिए प्रेरित किया है। आने वाले वर्षों में यह सहयोग कृषि, ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और परिवहन जैसे क्षेत्रों में और बढ़ सकता है। चीन और मध्य एशियाई देशों की साझेदारी अब सिर्फ आर्थिक नहीं रह गई है, बल्कि यह राजनीतिक और सामाजिक संबंधों को भी मजबूत करती नजर आ रही है। कुओ ने कहा कि आने वाले समय में दोनों पक्ष मिलकर नई पहल करेंगे और एक मजबूत, समृद्ध और स्थायी सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
चीन और मध्य एशियाई देशों के बीच व्यापारिक सहयोग अब नई ऊंचाइयों को छू रहा है। 106.3 अरब डॉलर का यह आंकड़ा यह दिखाता है कि दोनों क्षेत्र कठिन वैश्विक परिस्थितियों में भी आपसी सहयोग को बढ़ावा दे रहे हैं। ‘चीन-मध्य एशिया भावना’ और तंत्र की मजबूती इस सहयोग को और लंबी अवधि तक टिकाऊ बनाएगी।
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