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Mutual Fund में पैसे जमा करने का बदला नियम, बच्चों से जुड़ा है मामला, सेबी का अहम फैसला

सेबी ने बच्चों के लिए म्यूचुअल फंड में किए जाने वाले निवेश के नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है। ये नियम पैरेंट्स या लीगल गार्डियन की सुविधा के लिए है। ये नियम 15 जून से लागू होगा।

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बच्चों के लिए म्यूचुअल फंड नियम बदले

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • सेबी ने बदला MF में निवेश का तरीका
  • बच्चों के लिए निवेश से जुड़ा है मामला
  • बच्चों के लिए निवेश पर मिलेगी नयी सहूलियत

Mutual Fund New Rules : मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने शुक्रवार को पैरेंट्स या गार्डियन के जरिए किसी नाबालिग बच्चे के नाम पर म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) में किए जाने वाले निवेश के नियमों में अहम और बड़ा बदलाव किया है। सेबी (SEBI)ने सभी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) से कहा है कि वे 15 जून, 2023 से बच्चों के लिए किए जा रहे म्यूचुअल फंड ट्रांजेक्शन को सुविधाजनक बनाने के लिए जरूरी बदलाव करें।

क्या होने जा रहा बदलाव

सेबी ने एक बयान में नए रूल्स के तहत बच्चों के लिए किसी भी तरीके से म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए लिये जाने वाले भुगतान और पैसा निकालने पर जानकारी दी है। नये नियम के मुताबिक नाबालिग बच्चे के बैंक खाते, नाबालिग के माता-पिता या कानूनी अभिभावक के बैंक खाते या नाबालिग और उसके माता-पिता या कानूनी अभिभावक के जॉइंट खाते से भी निवेश के लिए पैसा जमा कराया जा सकेगा।

नये नियम के अनुसार बड़ी सहूलियत ये होगी कि माता-पिता अपने खातों से डायरेक्ट बच्चों के लिए निवेश कर सकेंगे और वो भी किसी पेमेंट मोड से। इससे पहले पैरेंट्स को ये सुविधा नहीं दी जाती थी।

केवल बच्चों के खाते में जाएगा पैसा

मौजूदा म्युचुअल फंड फोलियो के लिए सेबी ने AMC को कहा है कि वे रिडेम्पशन प्रोसेस से पहले पे-आउट बैंक मैंडेट में बदलाव पर जोर दें। दूसरी बात कि सेबी ने नये सर्कुलर के जरिए ये भी क्लियर किया है कि नाबालिग के नाम पर किए गए म्यूचुअल फंड निवेश का पैसा केवल उन्हीं खातों में जाएगा, जो नाबालिग बच्चों के होंगे और वेरिफाइड होंगे।

यानी निवेश पैरेंट्स अपने खातों से कर सकेंगे, मगर पैसा अपने खातों (बच्चे के साथ जॉइंट अकाउंट को छोड़कर) में नहीं ले सकेंगे।

इस बात का जरूर रखें ध्यान

सेबी ने कहा है कि चाहे सब्सक्रिप्शन की पेमेंट का तरीका कुछ भी हो, रिडम्पशन (विदड्रॉल मनी) का पैसा केवल बच्चे के वेरिफाइड खाते में जाएगा। बच्चे का ये खाता उसके पैरेंट्स या लीगल गार्डियन के साथ हो सकता है।

डिस्क्लेमर : म्यूचुअल फंड में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। अपने या अपने बच्चों के लिए निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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