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बिहार में पकड़ा गया फर्जी IAS, ठिकाने से 5 iPhone और 20 क्रेडिट कार्ड बरामद; झांसा देकर करोड़ों का लगाता था चूना

बिहार के खगड़िया में फर्जी आईएएस मनीष गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। खुद को अंडरकवर एजेंट बताने वाले आरोपी के पास से 'भारत सरकार' लिखी टेस्ला कार, 31 लीटर विदेशी शराब और 5 आईफोन बरामद हुए हैं।

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करोड़ों की संपत्ति का हुआ खुलासा

बिहार के खगड़िया जिले में धोखाधड़ी और जालसाजी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने पुलिस और प्रशासनिक महकमे के होश उड़ा दिए हैं। फर्जी IAS अफसर बनकर घूम रहे एक शातिर जालसाज को गोगरी थाना पुलिस और जिला खुफिया इकाई (DIU) की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी खुद को अंडरकवर एजेंट और केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) का बड़ा अधिकारी बताता था। तलाशी के दौरान उसके पास से फुल्ली सेल्फ-ड्राइविंग फीचर वाली दुर्लभ टेस्ला कार, 31 लीटर विदेशी शराब और वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत प्रतिबंधित सामान मिला है।

'भारत सरकार' की नेमप्लेट और फर्जी कार्ड का रौब

खगड़िया के पुलिस अधीक्षक (SP) भानू प्रताप सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि पुलिस को गोगरी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के जमालपुर बाजार में एक फर्जी अधिकारी के घूमने की गुप्त सूचना मिली थी।

सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने रविवार को जमालपुर निवासी आरोपी मनीष गुप्ता के ठिकाने पर छापेमारी की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस के सामने खुद को आईएएस अफसर बताते हुए अपने फोन में फर्जी पहचान पत्र दिखाया। इतना ही नहीं, उसने केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) का कार्ड दिखाकर दावा किया कि वह NSA अजीत डोभाल के अधीन अंडरकवर एजेंट के तौर पर काम करता है। हालांकि, शुरुआती जांच में उसके सभी दावे पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत साबित हुए।

ठिकाने से क्या-क्या हुआ बरामद?

साढ़े सात घंटे तक चली इस मैराथन रेड में पुलिस को आरोपी के घर से लग्जरी और अवैध सामान का जखीरा मिला है। 'भारत सरकार' बोर्ड लगी एक टेस्ला वाई मॉडल कार और एक टाटा सफारी। एप्‍पल कंपनी के 5 आईफोन और घर के बाहर निगरानी के लिए लगे 100 सीसीटीवी कैमरों का सेटअप। 31 लीटर महंगी विदेशी शराब और बारहसिंगा के दो सींग मिले हैं।

खगड़िया एसपी भानू प्रताप सिंह ने कहा कि आरोपी के पास से बिना अनुमति 'भारत सरकार' लिखी टेस्ला कार और बारहसिंगा के सींग मिले हैं। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) के तहत बारहसिंगा के सींग रखना दंडनीय अपराध है। आरोपी ने धोखे, भ्रष्टाचार और ठगी के जरिए संपत्ति जुटाई है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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