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चंद्रयान-3 की सफलता से खुलेगा बड़ा बाजार ,5 साल में केवल सेटेलाइट लांच से कमाए 1100 करोड़

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Jul 13, 2023, 06:17 PM IST

Chandrayaan 3 launch And Joureny Of ISRO:ISRO दुनिया के उन चुनिंदा संगठनों में शामिल है जो न केवल घरेलू सेटेलाइट का प्रक्षेपण करता है बल्कि विदेशी सेटेलाइट (Satellites) का भी सफलतापूर्वक प्रक्षेपण करता है। इसरो विदेशी सैटेलाइटों के प्रक्षेपण से हर साल करोड़ों की कमाई करता है।

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14 जनवरी को दोपहर में लांच होगा चंद्रयान-3

Chandrayaan 3 launch And Joureny Of ISRO In Commercial Space:भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO)एक अहम पड़ाव के नजदीक है। इसरो चंद्रयान-3 मिशन के तहत 14 जुलाई को चंद्रयान का प्रक्षेपण करेगा। यह प्रक्षेपण कितना अहम है, इसे वरिष्ठ अंतरिक्ष वैज्ञानिक और पूर्व इसरो चेयरमैन जी माधवन नायर के बयान से समझा जा सकता है। उन्होंने बृहस्पतिवार को कहा कि चंद्रमा तक पहुंचने के चंद्रयान-3 मिशन को सभी पहलुओं पर सफल होना चाहिए ताकि भारत अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में एक अहम पड़ाव पार कर सके। असल में माधवन जिस पड़ाव को पार करने की बात कर रहे हैं, वह यह है कि चंद्रयान की सफलता भारत को उन तीनों देशों की कैटेगरी में शामिल कर देगी। जो चंद्रमा पर सफल लैडिंग कर चुके हैं। अभी तक ऐसा अमेरिका, रूस और चीन जैसे देश ही कर पाए हैं। इस सफलता के इसरो के बिजनेस की भी आयाम खुलेंगे।

इसरो ने बीते 5 साल में कमाए 1100 करोड़

ISRO दुनिया के उन चुनिंदा संगठनों में शामिल है जो न केवल घरेलू सेटेलाइट का प्रक्षेपण करता है बल्कि विदेशी सेटेलाइट (Satellites) का भी सफलतापूर्वक प्रक्षेपण करता है। इसरो विदेशी सैटेलाइटों के प्रक्षेपण से हर साल करोड़ों की कमाई करता है। संसद में अंतरिक्ष मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा दिसंबर 2022 में दी गई जानकारी के अनुसार विदेशी उपग्रहों के प्रक्षेपण से इसरो पिछले पांच वर्षों में करीब 1100 करोड़ रुपये कमाई की है। यह कमाई उसे साल 2018-2022 के दौरान इसरो की हुई है। इस दौरान इसरो ने 19 देशों के 177 विदेशी उप्रगह लॉन्च किए हैं। इसमें ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, कोलंबिया, फिनलैंड, फ्रांस, इजराइल, लक्समबर्ग, मलेशिया, नीदरलैंड, कोरिया, सिंगापुर, स्पेन, स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका, इटली, जापान, लिथुआनिया जैसे देश शामिल हैं।

जुलाई 2022 में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा दिए गए बयान के अनुसार कि इसरो ने उस वक्त कुल 223 मिलियन डॉलर (1,830 करोड़) की कमाई पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV)के जरिए विदेशी उपग्रह को लॉन्च करने से की थी।

36 OneWeb सैटलाइट किए लॉन्च

इसके पहले इसरो ने एक अहम रिकॉर्ड बनाया था। उसने LVM-3 ने एक ही मिशन में 36 वनवेब उपग्रह लॉन्च किए। इसके साथ ही पहली बार एक भारतीय कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने निजी तौर पर विकसित रॉकेट विक्रम एस को अंतरिक्ष में भेजा था। इसरो ने अपने इस मिशन को 'प्रारंभ' (Prarambh) नाम दिया था।

कमाई में है Antrix का अहम रोल

इसरो के कॉमर्शियल कामों को उसकी इकाई Antrix कॉरपोरेशन लिमिटेड देखती है। जो कि एक पब्लिक सेक्टर कंपनी है और उसका गठन साल 1992 में किया गया था। एक रिपोर्ट के अनुसाल साल 2025 तक भारत का कॉमर्शियल सेटेलाइट लांच सर्विस का बाजार करीब 13 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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