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केंद्र सरकार का कमाल, दो महीने में कबाड़ बेचकर कमा लिए 200 करोड़ रुपये

Scrap Sale Revenue: केंद्र सरकार ने दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के दौरान कबाड़ बेचकर 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की है। यह जानकारी सोमवार को जारी ‘सचिवालय सुधार’ रिपोर्ट में दी गई। रिपोर्ट के अनुसार, पुराने और अनुपयोगी सामान की बिक्री से सरकार को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ है, जो प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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मोदी सरकार को कबाड़ से दो महीनों में 200 करोड़ से ज्यादा की कमाई (तस्वीर-istock)

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Scrap Sale Revenue : केंद्र सरकार ने दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में पुराने और अनुपयोगी सामान यानी कबाड़ को बेचकर 200 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है। सोमवार को जारी ‘सचिवालय सुधार’ रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। सरकार का कहना है कि यह कदम सिर्फ कमाई बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि दफ्तरों में जगह खाली करने और कामकाज को बेहतर बनाने के लिए भी उठाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इन दो महीनों में कुल 200.21 करोड़ रुपये की आय कबाड़ बिक्री से हुई। यह राशि सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि इससे न सिर्फ राजस्व बढ़ा है, बल्कि सरकारी कार्यालयों में सफाई और सुव्यवस्था भी आई है।

जनवरी 2026 में हुई सबसे ज्यादा कमाई

मासिक रिपोर्ट के 27वें संस्करण में बताया गया है कि जनवरी 2026 में अकेले 115.85 करोड़ रुपये की कमाई हुई। यानी कुल कमाई का बड़ा हिस्सा सिर्फ एक महीने में ही आया। इस दौरान कई मंत्रालयों ने सक्रिय रूप से पुराने सामान की पहचान कर उसे नीलाम किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस कमाई में रेलवे मंत्रालय, भारी उद्योग मंत्रालय और कोयला मंत्रालय का विशेष योगदान रहा। इन मंत्रालयों के पास बड़ी मात्रा में पुराना और अनुपयोगी सामान जमा था, जिसे बेचकर अच्छी रकम हासिल की गई।

‘सचिवालय सुधार’ रिपोर्ट में खुलासा

यह जानकारी प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा जारी मासिक रिपोर्ट में दी गई है। इस रिपोर्ट का उद्देश्य सरकारी कामकाज में सुधार से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा करना है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कबाड़ की पहचान, सूची तैयार करने और पारदर्शी तरीके से उसकी बिक्री की प्रक्रिया अपनाई गई। सरकार का मानना है कि इस तरह की पहल से दफ्तरों में वर्षों से जमा बेकार सामान हटाया जा सकता है। इससे काम करने की जगह बढ़ती है और कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलता है।

शासन और प्रशासन में सुधार की पहल

कार्मिक मंत्रालय ने कहा है कि यह रिपोर्ट सरकार की उन पहलों का विश्लेषण करती है, जिनका उद्देश्य शासन और प्रशासन में सुधार लाना है। मंत्रालय के अनुसार, पुराने रिकॉर्ड, बेकार फर्नीचर, अनुपयोगी मशीनें और अन्य सामान को हटाकर कार्यालयों को अधिक व्यवस्थित बनाया जा रहा है। सरकार का कहना है कि ‘स्वच्छ और सुव्यवस्थित कार्यालय’ अभियान के तहत देशभर के सरकारी विभागों में सफाई और रिकॉर्ड प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ती है, बल्कि कार्यक्षमता भी बेहतर होती है।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले महीनों में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। जिन विभागों में अभी भी अनुपयोगी सामान पड़ा है, वहां उसकी पहचान कर बिक्री की जाएगी। इससे सरकारी खजाने को अतिरिक्त आय मिलेगी और दफ्तरों में जगह की समस्या भी कम होगी। कुल मिलाकर, दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में कबाड़ बेचकर 200 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई सरकार के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह कदम प्रशासनिक सुधार, पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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