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मेहुल चोकसी की बढ़ी मुश्किलें, CBI ने दर्ज की दो नई एफआईआर

  • Authored by: डिंपल अलावाधी
  • Updated Dec 16, 2022, 05:40 PM IST

Mehul Choksi: भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी (Nirav Modi) के बाद अब मेहुल चोकसी की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनके खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की गई है।

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Mehul Choksi की बढ़ी मुश्किलें, CBI ने दर्ज की दो नई एफआईआर

Photo : BCCL

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भगोड़े मेहुल चोकसी (Mehul Choksi), गीतांजलि जेम्स और नक्षत्र ब्रांड्स के खिलाफ दो नई एफआईआर दर्ज की हैं। यह मामला बैंकों के कंसोर्टियम को 6,300 करोड़ रुपये का धोखा देने से जुड़ा है। मेहुल चोकसी एंटीगुआ में है और भारत ने एंटीगुआ के अधिकारियों से उसे प्रत्यर्पित करने के लिए कहा है।

पहली एफआईआर

पहले मामले में साल 2010 से 2018 के बीच मेहुल चोकसी, उसकी कंपनी नक्षत्र ब्रांड लिमिटेड ने बैंकों को 807.2 करोड़ रुपये का चूना लगाया था। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने 21 मार्च 2022 को इसकी शिकायत दर्ज की थी। इससे पहले साल 2018 में पीएनबी को 13,500 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

दूसरी एफआईआर

केंद्रीय जांच ब्यूरो की ओर से दर्ज की गई दूसरी एफआईआर में 5564.5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की जानकारी दी गई है। आरोप लगाया गया है कि आईसीआईसीआई के नेतृत्व में 28 बैंकों के कंसोर्टियम को 5500 करोड़ से ज्यादा का चूना लगा है।

चोकसी पर लगा प्रतिबंध

अगर साल 2018 में बैंक फ्रॉड उजागर हुआ था और उसी साल चोकसी देश छोड़कर भाग गया था, तो सवाल ये है कि इस मामले को सीबीआई तक पहुंचने में 4.3 साल क्यों लग गए। मालूम हो कि नवंबर में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने मेहुल चोकसी को 10 साल के लिए प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया था। इसके साथ ही इसने उन पर गीतांजलि जेम्स लिमिटेड के शेयरों में धोखाधड़ी से व्यापार में शामिल होने के लिए 5 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था। सेबी ने आदेश दिया था कि चोकसी को 45 दिनों के भीतर ही जुर्माने का भुगतान करना होगा। चोकसी अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक होने के साथ-साथ गीतांजलि जेम्स के प्रमोटर ग्रुप का हिस्सा थे।

डिंपल अलावाधी
डिंपल अलावाधीauthor

बिजनेस डेस्क पर कार्यरत डिंपल अलावाधी की कारोबार के विषयों पर अच्छी पकड़ है। पत्रकारिता में 5 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाली डिंपल की व्यापार में खास रुचि है। पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार और बैंकिंग सेक्टर के मामलों में विशेष दिलचस्पी है।

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