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सुप्रीम कोर्ट पहुंचा 2000 के नोट को बदलने का मामला, जज बोले- गर्मी की छुट्टियों में नहीं होगी सुनवाई

2000 Rupees Note News: सुप्रीम कोर्ट ने 2000 रुपये के नोट के संबंध में अधिसूचनाओं को चुनौती देने वाली एक याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। इस याचिका में बिना फॉर्म भरे और बिना आईडी प्रूफ के 2000 का नोट बदलने की अधिसूचनाओं को चुनौती दी गई है।

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RBI ने 19 मई को किया था 2000 के नोट वापस लेने का ऐलान

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2000 Rupees Note News: सुप्रीम कोर्ट ने 2000 रुपये के नोट के संबंध में अधिसूचनाओं को चुनौती देने वाली एक याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। इस याचिका में बिना फॉर्म भरे और बिना आईडी प्रूफ के 2000 का नोट बदलने की अधिसूचनाओं को चुनौती दी गई है। जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय की तत्काल सुनवाई की दलीलों पर गौर करने के बाद कहा कि वह गर्मी की छुट्टियों के दौरान ऐसी याचिकाओं पर विचार नहीं करेगी।

कोर्ट ने अश्विनी उपाध्याय को दी ये सलाह

पीठ ने कहा, ‘‘हम गर्मी की छुट्टियों के दौरान इस तरह के मामलों की सुनवाई नहीं कर रहे हैं।’’ न्यायालय ने कहा कि इस याचिका को मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष रखा जा सकता है। याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने की अपील करते हुए वकील ने कहा कि 2000 रुपये के नोटों को अपराधियों और आतंकवादियों द्वारा भी बिना किसी पर्ची और पहचान पत्र के बदला जा रहा है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी याचिका

उन्होंने दावा किया कि बहुत कम समय में 2000 रुपये के मूल्यवर्ग के नोटों के बदले बैंकों ने ग्राहकों को अन्य मूल्य के 50,000 करोड़ रुपये के नोट लौटाए हैं। उपाध्याय ने दिल्ली उच्च न्यायालय के 29 मई के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत में अपील दायर की है। इस याचिका में उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा 2000 रुपये के बैंक नोट को बिना किसी दस्तावेज के बदलने की अधिसूचना को चुनौती दी थी।

RBI ने 19 मई को किया था 2000 के नोट वापस लेने का ऐलान

उल्लेखनीय है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने गत 19 मई को 2000 के नोटों को वापस लेने की घोषणा की थी। इन नोटों को 30 सितंबर तक बैंक खाते में जमा किया जा सकता है या कम मूल्य के नोट से बदला जा सकता है। हालांकि, 2000 के नोट वैध मुद्रा बने हुए हैं।

भाषा इनपुट्स के साथ

Sunil Chaurasia
सुनील चौरसियाauthor

<p>मैं सुनील चौरसिया,. मऊ (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला हूं और अभी दिल्ली में रहता हूं। मैं टाइम्स नाउ नवभारत में बिजनेस, यूटिलिटी और पर्सनल फाइनेंस पर काम कर रहा हूं। टाइम्स नाउ से पहले मैं ज़ी बिजनेस, टीवी9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन, राजस्थान पत्रिका में काम कर चुका हूं। मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि मैं अपने रीडर्स तक उनके काम से जुड़ी जरूरी जानकारियां पहुंचा सकूं।</p>

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