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Repo Rate Cut: और सस्ते होंगे कार और होम लोन, RBI 6 जून को लगातार तीसरी बार कर सकता है ये ऐलान

Repo Rate Cut: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक 6 जून को समाप्त होगी, और इसमें 25 बेसिस प्वाइंट की दर कटौती की उम्मीद जताई जा रही है। यह लगातार तीसरी बार होगा जब आरबीआई अपने बेंचमार्क रेपो रेट में कटौती करेगा। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि धीमी आर्थिक वृद्धि और नियंत्रित महंगाई मौद्रिक नीति में और नरमी की गुंजाइश प्रदान करते हैं।

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रेपो रेट में हो सकती है कटौती ।

Photo : iStock

RBI rate cut: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक 6 जून को खत्म होगी। ऐसे में विशेषज्ञों का अनुमान है कि केंद्रीय बैंक लगातार तीसरी बार 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर सकता है। साथ ही, वोल्टालिटी सपोर्ट की मौजूदा नीति को जारी रखने की उम्मीद भी जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक विकास दर में गिरावट और महंगाई के नियंत्रण में रहने से मौद्रिक नीति को नरम बनाए रखने की गुंजाइश बनती है।

भारत की वित्त वर्ष 2024-25 में GDP वृद्धि 6.5% रही, जो पिछले साल के 9.2% से कम है। हालांकि, मार्च तिमाही में 7.4% की बेहतर-than-expected वृद्धि देखी गई। मंहगाई दर अभी भी RBI के 4% लक्ष्य के भीतर बनी हुई है। अप्रैल में RBI ने रेपो रेट को 25bps घटाकर 6% कर दिया था।

रेपो रेट के कम होने से आम आदमी को क्या फायदा मिलता है?

  • रेपो रेट घटने के बाद बैंक भी अपने कर्ज की ब्याज दरें (जैसे होम लोन, पर्सनल लोन, कार लोन आदि) कम कर देते हैं।
  • इससे लोन की EMI कम हो जाती है और लोन लेना आसान व सस्ता होता है।
  • कम ब्याज दर की वजह से लोग घर, गाड़ी जैसे बड़े खर्च करने के लिए अधिक तैयार होते हैं।
  • उपभोग बढ़ता है और अर्थव्यवस्था को गति मिलती है।
  • छोटे और मध्यम कारोबारों वालों को कम ब्याज दर पर विस्तार या नए प्रोजेक्ट शुरू करने में मदद मिलती है।

रेपो रेट में कमी होने पर क्या है एक्सपर्ट की राय

ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, “महंगाई की स्थिति अनुकूल है और RBI ने विभिन्न उपायों से तरलता को सहज बनाए रखा है। ऐसे में MPC 6 जून को रेपो रेट में 25bps की कटौती कर सकता है।” उन्होंने यह भी कहा कि RBI द्वारा आर्थिक वृद्धि और महंगाई के अनुमान को संशोधित किए जाने की संभावना है, साथ ही वैश्विक जोखिमों (जैसे अमेरिका द्वारा टैरिफ छूट समाप्त करने का प्रभाव) का मूल्यांकन भी किया जाएगा।

ICICI सिक्योरिटीज के ए. प्रसन्ना ने भी इसी तरह की राय व्यक्त की, उन्होंने कहा कि जनवरी-मार्च तिमाही की मजबूत वृद्धि से मॉडरेट ईज़िंग की गुंजाइश बनती है। “MPC के 25bps की कटौती और उदार रुख से यह किसी भी डेटा आश्चर्य पर उचित प्रतिक्रिया दे सकता है।”

RBI ने बैंकों को पर्याप्त नकदी उपलब्ध कराने के लिए रुपये की तरलता बढ़ाई है और मनी मार्केट से अधिशेष राशि को सोखने के अपने नियमित उपायों से परहेज किया है, जिससे वित्तीय स्थितियों में ढील आई है।

मौसम और तेल कीमतों से मिल सकता है मौद्रिक नीति को समर्थन

बार्कलेज की अर्थशास्त्री आस्था गुदवानी के अनुसार Q1 में जीडीपी और ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) का बेहतर प्रदर्शन मैन्युफैक्चरिंग और पूंजीगत खर्च में तेजी की वजह से हुआ, जबकि उपभोग कमजोर रहा। क्रिसिल का अनुमान है कि RBI इस वित्त वर्ष में कुल 50bps तक की कटौती कर सकता है।

इसके पीछे का कारण

  • भारतीय मौसम विभाग (IMD) का 106% सामान्य से बेहतर मानसून का पूर्वानुमान
  • संभावित मजबूत खरीफ फसल और ग्रामीण मांग में सुधार
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का $65-70 प्रति बैरल रहना, जो पिछले साल के $78.8 से कम है।

अर्थव्यवस्था की धीमी गति और अनुकूल महंगाई के चलते RBI के पास ब्याज दरों में और कटौती की गुंजाइश है। विशेषज्ञों की राय में आगामी मौद्रिक नीति में 25bps की कटौती तय मानी जा रही है, और यदि बाहरी परिस्थितियां साथ देती हैं, तो इस वित्त वर्ष में और नरमी देखी जा सकती है।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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