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आर्मी कैंटीन में 50 फीसदी कम है GST, जानें दाल-आटे से लेकर साबुन तक की कैलकुलेशन

Army Canteen Products Prices: आर्मी कैंटीन में सरकार की तरफ से प्रोडक्ट्स पर जीएसटी में 50 प्रतिशत की छूट दी जाती है। भारत के रक्षा बलों के लिए रिटेल स्टोर चलाने वाले कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट को राज्यों और केंद्र से जीएसटी का 50 प्रतिशत रिफंड मिलता है। इस तरह रक्षा बलों को प्रोडक्ट्स पर जीएसटी आधा ही देना होता है।

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आर्मी कैंटीन में आधा लगता है GST

KEY HIGHLIGHTS
  • आर्मी कैंटीन में मिलता है सस्ता सामान
  • जीएसटी पर मिलती है 50 फीसदी छूट
  • 1 करोड़ से ज्यादा हैं लाभार्थी

Army Canteen Products Prices: भारतीय सेना (Indian Army) के जवान देश की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। देश के इन वीरों को सरहद पर डटे रहना पड़ता है। परिवार से दूर देश के जवान हर मुश्किल से मुश्किल हालात का मुकाबला करते हैं ताकि देशवासी आराम से रहें। वहीं केंद्र सरकार भी सेना के जवानों के लिए कई उपाय करती है। इनमें से एक है कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट (CSD), जिन्हें लोग आम तौर पर आर्मी कैंटीन (Army Canteen) के नाम से जानते हैं।

आर्मी कैंटीन की खास बात यह है कि इनमें जवानों को हर जरूरत का सामान बहुत कम रेट पर दिया जाता है। सेना के जवानों को कैसे ये सामान सस्ता मिलता है और जीएसटी (GST) से कितनी छूट दी जाती है, ये डिटेल आगे जानिए।

जीएसटी पर कितनी छूट

आर्मी कैंटीन में सरकार की तरफ से प्रोडक्ट्स पर जीएसटी में 50 प्रतिशत की छूट दी जाती है। भारत के रक्षा बलों के लिए रिटेल स्टोर चलाने वाले कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट को राज्यों और केंद्र से जीएसटी का 50 प्रतिशत रिफंड मिलता है। इस तरह रक्षा बलों को प्रोडक्ट्स पर जीएसटी आधा ही देना होता है।

यदि किसी प्रोडक्ट पर जीएसटी रेट 18 प्रतिशत है तो रक्षा बलों को 9 फीसदी ही जीएसटी देना होगा। इससे प्रोडक्ट की कीमत काफी सस्ती हो जाती है और रक्षा बलों को ग्रॉसरी आदि कम कीमत पर मिलती हैं।

लिमिट हो गई तय

अकसर लोग घरेलू सामानों की खरीदारी के लिए सेना में मौजूद अपने रिश्‍तेदारों की मदद लेते थे, ताकि कम रेट पर उन्हें कैंटीन से सामान मिल जाए। पर सरकार ने रक्षा बलों के लिए अलग-अलग चीजों पर मासिक लिमिट तय कर दी। यानी जवान एक महीने में किसी चीज की एक लिमिट से अधिक यूनिट नहीं खरीद सकते।

कितनी है लिमिट

  • शेविंग क्रीम/जेल/फोम/सोप/आफ्टर शेव : 4
  • शेविंग ब्लेड : 4
  • टूथ ब्रश : 6
  • टूथपेस्ट/पाउडर : 4
  • माउथवॉश : 4
  • हेयर ऑयल/मसाज ऑयल : 4
  • चावल/आटा : 10 किलो
  • दाल : 6 किलो
  • कॉफी : 1 किलो
  • चाय : 3 किलो

1 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी

थल सेना, वायु सेना और नौसेना के जवानों के साथ-साथ उनके परिवार, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को भी इन कैंटीन का लाभ मिलता है। इन लाभार्थियों की संख्या 1 करोड़ से ज्यादा है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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