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फोन पर सोच-समझ कर दिखाइए 👍, कोर्ट मान लेगा कॉन्ट्रैक्ट हो गया साइन

Thumbs-Up Emoji A Contract Agreement: किसान, क्रिस एक्टर का कहना है कि थम्स-अप इमोजी ने बस इस बात की पुष्टि करती है की कि उन्हें फ्लैक्स का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। उन्हें लगा कि फुल कॉन्ट्रैक्ट फैक्स या ईमेल के जरिए भेजा जाएगा।

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थम्स-अप इमोजी को माना गया कॉन्ट्रैक्ट पर राजी होना

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • कनाडा में थम्स-अप इमोजी पर विवाद
  • कोर्ट पहुंचा विवादित मामला
  • थम्स-अप इमोजी को माना गया गंभीर मामलों में भी सहमति

Thumbs-Up Emoji A Contract Agreement: आप भी अकसर व्हाट्सएप (Whatspp) या किसी दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों को थम्स-अप इमोजी (👍) भेजते होंगे। मगर एक व्यक्ति को यह इमोजी भेजना भारी पड़ गया। दरअसल कनाडा की एक अदालत ने अनोखा फैसला सुनाया, जिसके मुताबिक थम्स-अप इमोजी इस बात की पुष्टि कर सकता है कि कोई व्यक्ति आधिकारिक तौर पर किसी कॉन्ट्रैक्ट को स्वीकार कर रहा है। ऐसा फैसला एक किसान से जुड़े मामले में सुनाया गया है।

क्या है पूरा मामला

मामले में सवाल उठाया गया कि क्या कनाडाई प्रांत सस्केचेवान में एक किसान 2021 में एक अनाज खरीदार को 87 मीट्रिक टन फ्लैक्स बेचने के लिए सहमत हुआ था। खरीदार ने कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किए थे और किसान को इसकी एक तस्वीर भेजी थी, जिसने जवाब में "थम्स-अप इमोजी'' भेज दी थी। इसी इमोजी को कॉन्ट्रैक्ट को स्वीकार करने वाला माना गया है।

कनाडाई समाज के लिए नई हकीकत

फैसला सुनाने वाले न्यायाधीश ने इसे "कनाडाई समाज में नई वास्तविकता" कहा, जिसका सामना अदालतों को करना होगा क्योंकि अब ज्यादातर लोग अपनी भावनाओं को दिल, मुस्कुराते चेहरे और फायर इमोजी के साथ व्यक्त करते हैं। यहां तक कि लोग गंभीर बिजनेस लेनदेन या पर्सनल विवादों में भी ऐसा करते हैं।

क्या है विवाद

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार किसान, क्रिस एक्टर का कहना है कि थम्स-अप इमोजी ने बस इस बात की पुष्टि करती है की कि उन्हें फ्लैक्स का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। उन्हें लगा कि फुल कॉन्ट्रैक्ट फैक्स या ईमेल के जरिए भेजा जाएगा।

वहीं अनाज खरीदार, केंट मिकलेबोरो ने बताया कि उन्होंने एक्टर के सेलफोन पर कॉन्ट्रैक्ट की तस्वीर भेजी और लिखा कि कृपया फ्लैक्स कॉन्ट्रैक्ट की पुष्टि करें। जवाब में एक्टर ने थम्स-अप इमोजी भेज दी, जिसे उन्हों कॉन्ट्रैक्ट को स्वीकार करना मान लिया।

क्या रही जज की दलील

फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति टी.जे. कीन ने डिक्शनरी.कॉम की थम्स-अप इमोजी की परिभाषा का हवाला दिया, जिसके मुताबिक इसे डिजिटल कम्युनिकेशन में सहमति, मंजूरी या प्रोत्साहन व्यक्त करने के लिए उपयोग किया जाता है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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