Layoff News Of
यह कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या का करीब 40 फीसदी है। इसके साथ ही स्पार्टन पोकर उन कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो गई है, जिसने सरकार की ओर से रियल-मनी गेमिंग सेक्टर पर 28 फीसदी GST लगाने के फैसले के बाद से लागत घटाने के लिए कदम उठाए हैं। Spartan Poker ने इस खबर पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
कॉल पर ही शुरू हो गई एक्जिट प्रोसेस
मनीकंट्रोल के मुताबिक बायजूज ने 400 एंप्लॉयीज को नौकरी से निकाला है। इसके लिए एचआर से कॉल आई और एंप्लॉयीज को बताया गया है कि अगले दो घंटों में उनके ईमेल एड्रेसेज डिएक्टिवेट कर दिए जाएंगे। उन्हें अपने पे स्लिप और दूसरे जरूरी डॉक्युमेंट भी डाउनलोड करने को कहा गया। उन्हें कॉल पर ही तुरंत एक्जिट प्रोसेस शुरू करने को भी कहा गया।
स्पार्टन पोकर का क्या है मामला?
Spartan Poker को साल 2014 में अमीन रोजानी, समीर रैटनसी और पीटर अब्राहम ने मिलकर शुरू किया था। यह प्लेटफॉर्म यूजर्स को ऑनलाइन पोकर टूर्नामेंट खेलने की सुविधा देता है। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) से जुड़े फैसले लेने वाली संस्था, जीएसटी काउंसिल ने बीते 2 अगस्त को रियल-मनी गेम पर फुल फेस वैल्यू के आधार पर 28 फीसदी टैक्स लगाने का प्रस्ताव दिया था। इसके साथ ही काउंसिल ने स्किल और चांस के आधार पर अलग-अलग टैक्स दर लगाने के प्रस्ताव को भी इनकार कर दिया था। हालांकि काउंसिल ने इन फर्मों को थोड़ी राहत देते हुए प्रत्येक दांव की जगह यूजर्स की ओर से रियल-मनी गेम खेलने के लिए लगाई जाने वाली पूरी राशि पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव दिया। इससे ये कंपनियां डुअल टैक्स के बोझ से बच गईं हैं।
