कब मिलेगी सैलरी
रवींद्रन ने कर्मचारियों को भेजे ईमेल में कहा कि कानूनी बाधाओं ने कंपनी के रिवाइवल की यात्रा को लंबा कर दिया है। उन्होंने साथ ही दावा किया कि कंपनी दो साल पहले शुरू हुए नकारात्मक कारोबारी चक्र को पटरी पर के लिए तैयार है।
असल में सुप्रीम कोर्ट ने इस महीने NCLAT के फैसले को प्रथम दृष्टया ‘अविवेकपूर्ण’ करार देते हुए उसके क्रियान्वयन पर स्थगन आदेश दिया था। साथ ही न्यायालय ने बायजू के अमेरिका-स्थित कर्जदाता ग्लास ट्रस्ट कंपनी एलएलसी की अपील पर बायजू और अन्य को नोटिस जारी किया है।
क्या है मामला
इसके पहले NCLAT ने BCCI के साथ 158.9 करोड़ रुपये के बकाया निपटान को मंजूरी देने के साथ बायजू के खिलाफ दिवाला कार्यवाही को रद्द कर दिया था। मामला 2019 का है, जब बायजू ने बीसीसीआई के साथ टीम प्रायोजन का समझौता किया था। उसने 2022 के मध्य तक अपनी देनदारियां पूरी की थीं लेकिन बाद में 158.9 करोड़ रुपये के भुगतान में चूक कर दी थी। जिसके बाद से जुलाई की सैलरी अटकने का दावा कंपनी फाउंडप कर रहे हैं।
