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Byju's-BCCI: बायजू ने BCCI को दिए 75 करोड़, नहीं चलेगी दिवालिया कार्यवाही, फाउंडर रवींद्रन को बड़ी राहत

Byju's-BCCI: बायजू रवींद्रन के भाई रिजू रविंद्रन ने 31 जुलाई को बीसीसीआई को 50 करोड़ रुपये और शुक्रवार को 25 करोड़ रुपये का भुगतान किया। बाकी 83 करोड़ रुपये आरटीजीएस के जरिए नौ अगस्त को जमा किए जाएंगे। जिसके बाद उसे राहत मिली है।

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Byju's को बड़ी राहत

Byju's-BCCI:एडुटेक कंपनी बायजू (Byju's) को बड़ी राहत मिली है। कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि उसकी संचालक कंपनी 'थिंक एंड लर्न' के खिलाफ दिवाला कार्यवाही रद्द करने का एनसीएलएटी का आदेश कंपनी और उसके संस्थापकों के लिए एक बड़ी जीत है। इसके पहले राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के साथ कंपनी के 158 करोड़ रुपये के बकाया निपटान समझौते को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही बायजू के खिलाफ दिवाला कार्यवाही को भी रद्द कर दिया गया है।यह एक ऐसा कदम है, जिसके बाद संस्थापक बायजू रवींद्रन को प्रभावी रूप से फर्म का नियंत्रण वापस मिल जाएगा।

फाउंडर रवींद्रन के लिए बड़ी राहत

कंपनी ने एक बयान में कहा कि यह घटनाक्रम बायजू और उसके संस्थापकों के लिए एक बड़ी जीत है।अपीलीय न्यायाधिकरण के आदेश का स्वागत करते हुए रवींद्रन ने कहा, एनसीएलएटी का यह आदेश सिर्फ एक कानूनी जीत नहीं है, बल्कि पिछले दो सालों में हमारे बायजू परिवार के साहसपूर्ण प्रयासों का प्रमाण है।बयान में रवींद्रन ने कहा कि हमारी संस्थापक टीम के सदस्यों ने इस सपने को साकार करने के लिए अपने दिल और आत्मा के साथ अपनी पूरी बचत भी झोंक दी है। इसके लिए उन्हें बहुत ज़्यादा कीमत चुकानी पड़ी है। बायजू के हर साथी ने अभूतपूर्व चुनौतियों के बावजूद अथक परिश्रम करते हुए असाधारण लचीलापन दिखाया है। उनका सामूहिक त्याग मुझे विनम्र बनाता है और मैं उनमें से सबका दिल से आभारी हूं।

Byju's, BCCI में क्या हुआ समझौता

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने 158.9 करोड़ रुपये की रकम चुकाने में चूक पर थिंक एंड लर्न के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) का दरवाजा खटखटाया था। यह अपील दिवाला और ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत की गई थी।

हालांकि, बीसीसीआई ने मंगलवार को एनसीएलएटी के समक्ष बायजू के साथ विवाद में सुनवाई को टालने का अनुरोध किया था और संकेत दिए थे कि दोनों पक्षों के बीच सुलह के लिए बातचीत जारी है। जिसके बाद यह फैसला आया है।इस समझौते के अनुरूप बायजू रवींद्रन के भाई रिजू रविंद्रन ने 31 जुलाई को बीसीसीआई को 50 करोड़ रुपये और शुक्रवार को 25 करोड़ रुपये का भुगतान किया। बाकी 83 करोड़ रुपये आरटीजीएस के जरिए नौ अगस्त को जमा किए जाएंगे।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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