Byju's-BCCI:एडुटेक कंपनी बायजू (
फाउंडर रवींद्रन के लिए बड़ी राहत
कंपनी ने एक बयान में कहा कि यह घटनाक्रम बायजू और उसके संस्थापकों के लिए एक बड़ी जीत है।अपीलीय न्यायाधिकरण के आदेश का स्वागत करते हुए रवींद्रन ने कहा, एनसीएलएटी का यह आदेश सिर्फ एक कानूनी जीत नहीं है, बल्कि पिछले दो सालों में हमारे बायजू परिवार के साहसपूर्ण प्रयासों का प्रमाण है।बयान में रवींद्रन ने कहा कि हमारी संस्थापक टीम के सदस्यों ने इस सपने को साकार करने के लिए अपने दिल और आत्मा के साथ अपनी पूरी बचत भी झोंक दी है। इसके लिए उन्हें बहुत ज़्यादा कीमत चुकानी पड़ी है। बायजू के हर साथी ने अभूतपूर्व चुनौतियों के बावजूद अथक परिश्रम करते हुए असाधारण लचीलापन दिखाया है। उनका सामूहिक त्याग मुझे विनम्र बनाता है और मैं उनमें से सबका दिल से आभारी हूं।
Byju's, BCCI में क्या हुआ समझौता
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने 158.9 करोड़ रुपये की रकम चुकाने में चूक पर थिंक एंड लर्न के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) का दरवाजा खटखटाया था। यह अपील दिवाला और ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत की गई थी।
हालांकि, बीसीसीआई ने मंगलवार को एनसीएलएटी के समक्ष बायजू के साथ विवाद में सुनवाई को टालने का अनुरोध किया था और संकेत दिए थे कि दोनों पक्षों के बीच सुलह के लिए बातचीत जारी है। जिसके बाद यह फैसला आया है।इस समझौते के अनुरूप बायजू रवींद्रन के भाई रिजू रविंद्रन ने 31 जुलाई को बीसीसीआई को 50 करोड़ रुपये और शुक्रवार को 25 करोड़ रुपये का भुगतान किया। बाकी 83 करोड़ रुपये आरटीजीएस के जरिए नौ अगस्त को जमा किए जाएंगे।
