बजट 2026

Budget 2024: स्टार्टअप को एंजल टैक्स से मिलेगी राहत, DPIIT ने वित्त मंत्रालय से की सिफारिश

DPIIT On Angel Tax: उचित बाजार मूल्य से ऊपर किसी स्टार्टअप के शेयरों की बिक्री से हासिल पूंजी पर लगने एंजल टैक्स लिया जाता है। अब DPIIT ने इसे हटाने की सिफारिश की है।

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स्टार्टअप को मिल सकती है राहत

DPIIT On Angel Tax: आगामी बजट में स्टार्टअप को बड़ी टैक्स राहत मिल सकती है। उद्योग संवर्द्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) ने स्टार्टअप कंपनियों पर से एंजल टैक्स हटाने की सिफारिश की है। और अब इस पर वित्त मंत्रालय अंतिम निर्णय करेगा। आयकर विभाग ने पिछले साल सितंबर में नए एंजल कर नियमों को अधिसूचित किया था । जिसमें निवेशकों को गैर-सूचीबद्ध स्टार्टअप की तरफ से जारी शेयरों का मूल्यांकन करने की एक व्यवस्था शामिल है। उचित बाजार मूल्य से ऊपर किसी स्टार्टअप के शेयरों की बिक्री से हासिल पूंजी पर लगने वाले कर को एंजल कर कहा जाता है।पहले एंजल कर केवल स्थानीय निवेशकों पर लागू होता था लेकिन पिछले वित्त वर्ष के बजट ने विदेशी निवेश को शामिल करने के लिए इसका दायरा बढ़ा दिया था।

हटाने की सिफारिश क्यों

डीपीआईआईटी के सचिव राजेश कुमार सिंह ने यहां एंजल कर हटाने की उद्योग की मांग से संबंधित एक सवाल पर कहा कि स्टार्टअप परिवेश के साथ परामर्श के आधार पर हमने पहले भी इसकी सिफारिश की है। मुझे लगता है कि हमने इस बार भी इसकी सिफारिश की है, लेकिन अंततः वित्त मंत्रालय इस पर एक एकीकृत दृष्टिकोण अपनाएगा।बजट अनुशंसाओं के मुताबिक, अतिरिक्त प्रीमियम को 'स्रोतों से आय' माना जाएगा और इस पर 30 प्रतिशत से अधिक की दर से कर लगाया जाएगा। हालांकि, डीपीआईआईटी द्वारा पंजीकृत स्टार्टअप नए मानदंडों से मुक्त हैं।

क्या टेस्ला को मिलेगी राहत

अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार (EV) कंपनी टेस्ला (Tesla) के भारत आने से संबंधित सवाल पर सिंह ने कहा, हमने उनसे आखिरी बार आम चुनाव के नतीजों की घोषणा वाले सप्ताह में सुना था। भारी उद्योग मंत्रालय की तरफ से ईवी के लिए जारी दिशानिर्देशों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है। मुझे लगता है कि उनके पास और सवाल हो सकते हैं। अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क की अगुवाई वाली टेस्ला के भारत में संयंत्र लगाने की संभावनाओं को लेकर कई महीनों से चर्चा चल रही है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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