what is Interim Budget, (अंतरिम बजट किसे कहते हैं), Different Between Full Budget and Interim Budget Hindi: सरकार हर साल आय-व्यय का लेखा-जोखा पेश करने के लिए संसद में बजट पेश करती है। लेकिन इससे इतर कभी-कभी अंतरिम बजट भी पेश किया जाता है। अब सवाल उठता है कि आखिर ये अंतरिम बजट है क्या? अंतरिम बजट आम तौर पर तब पेश किया जाता है जब नियमित बजट की संभावना कम होती है। यानी यह मान लिया जाता है कि सरकार पूरे साल तक सत्ता में नहीं रहेगी। उस हालात में मौजूदा सरकार पूर्ण केंद्रीय बजट पेश नहीं कर सकती है क्योंकि सरकार का कार्यकाल खत्म हो रहा होता है। उस साल चुनावी वर्ष होता है तो फिर सरकार चुनाव होने तक अपने खर्चों के लिए भारत की संचित निधि से धन निकालने के लिए संसद से अनुमोदन की मांग करती है इसके लिए वित्त मंत्री संसद में राज्यसभा और लोकसभा की संयुक्त बैठक के दौरान अंतरिम बजट पेश करते हैं। 2024 में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं इसलिए सरकार 1 फरवरी 2024 को अंतरिम बजट पेश करेगी।
क्या होता है अंतरिम बजट
अंतरिम बजट (Interim Budget in Hindi) आम बजट के जैसा ही होता है। अंतरिम बजट में सरकार अपने खर्चे, राजस्व, राजकोषीय घाटे और वित्तीय प्रदर्शन का अनुमान और आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए अनुमान प्रस्तुत करती है। सरकार अपने कार्यकाल के अंत में तक अंतरिम बजट पेश करती है ताकि देश को पैसे के कमी के बिना चलाया जा सके। उसके बाद पूर्ण केंद्रीय बजट लोकसभा चुनाव के बाद नवनिर्वाचित सरकार द्वारा पेश किया जाता है।
अंतरिम बजट में क्या नहीं कर सकती सरकार
सरकार अंतरिम बजट (Interim Budget in Hindi) के दौरान कोई बड़ी नीतिगत घोषणा नहीं कर सकती है। जिसकी वजह से आने वाली सरकार पर वित्तीय बोझ पड़ सके। चुनाव आयोग की आचार संहिता के मुताबिक, सरकार अंतरिम बजट में कोई बड़ी योजना शामिल नहीं कर सकती क्योंकि इससे वोटर प्रभावित हो सकते हैं। सरकार अंतरिम बजट के साथ आर्थिक सर्वे भी पेश नहीं करती है।
निर्मला सीतारमण पेश करेंगी अंतरिम बजट
फरवरी 2019 में आम चुनाव से कुछ महीने पहले तत्कालीन वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट (Interim Budget in Hindi) पेश किया था। इस बार लोकसभा चुनाव 2024 से पहले एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में अंतरिम बजट पेश करेंगी।
