बजट 2026

Budget 2024: वित्त मंत्री की भरी है जेब, 2.6 लाख करोड़ बांटी तो किसान-आम आदमी से लेकर सब होंगे खुश

Budget 2024: अंतरिम बजट में वित्त मंत्री ने आरबीआई से 80,000 करोड़ रुपये का लाभांश की उम्मीद जताई थी। जो उससे कहीं ज्यादा 2.1 लाख करोड़ रुपये मिला है। इसी तरह डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन भी उम्मीद से 9 फीसदी ज्यादा है।

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बजट दे सकता है बड़ा बूस्ट

Photo : Times Now Digital

Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पास इस बार बेहद शानदार मौका है। पिचले 7 साल में शायद यह पहला मौका है जब उनके पास 2.6 लाख करोड़ रुपये ऐसे हैं, जो वह खुले दिल से खर्च कर सकती हैं। असल में वित्त मंत्री के पास आरबीआई के लाभांश से मिले 2.1 लाख करोड़ रुपये की भारी भरकम रकम है। इसी तरह डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन भी 20 फीसदी बढ़कर 5.75 लाख करोड़ पहुंच चुका है। ऐसे में वित्त मंत्री की उम्मादों से ज्यादा उनके पास पैसा आ गया है। जो करीब 2.6 लाख करोड़ रुपये है।

कहां से आया पैसा

असल में अंतरिम बजट में वित्त मंत्री ने आरबीआई से 80,000 करोड़ रुपये का लाभांश की उम्मीद जताई थी। जो उससे कहीं ज्यादा 2.1 लाख करोड़ रुपये मिला है। इसी तरह डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन भी उम्मीद से 9 फीसदी ज्यादा है। ऐसे में 2.6 लाख करोड़ रुपये से वह मिडिल क्लास को इनकम टैक्स पर बड़ी राहते दे सकती है। इसी तरह पीएम किसान की राशि बढ़ाई जा सकती है। साथ ही लोगों की जेब में ज्यादा पैसा आए अहम कदम उठाए जा सकती हैं।

रोजगार बढ़ाने पर हो फोकस

वित्त मंत्री से आम आदमी से लेकर हर वर्ग महंगाई और रोजगार पर राहत की उम्मीद कर रहा है। क्योंकि अगर महंगाई कम होती है तो लोगों के पास जेब में ज्यादा पैसा आएगा। वहीं अगर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तो खर्च भी बढ़ेगा। साफ है कि ऐसा होने से इकोनॉमी को भी बड़ा बूस्ट मिलेगा। अब देखना है कि वित्त मंत्री 2.6 लाख करोड़ का कैसे यूज करती हैं।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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