बजट 2026

Budget 2025 Expectations: इनकम छूट सीमा 10 लाख रुपये हो, निर्मला सीतारमण के पास RSS के संगठनों ने रखीं कई मांगें

Budget 2025 Expectations: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) के साथ बजट पूर्व चर्चा के दौरान आरएसएस से जुड़े संगठनों ने कई प्रस्ताव पेश किए हैं। टैक्स छूट आय सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपये करना, कृषि के लिए पैकेज, मनरेगा समेत कई मांगे रखी है।

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यूनियन बजट में क्या चाहता है आरएसएस

Budget 2025 Expectations: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी 2025 को इस साल का यूनियन बजट पेश करने वाली हैं। हर साल की तरह मिडिल क्लास इनकम टैक्स में राहत प्रदान करने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार की ओर देख रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बजट पूर्व चर्चा के दौरान आरएसएस से जुड़े संगठनों ने कई प्रस्ताव पेश किए हैं, जिनमें टैक्स फ्री और टैक्स छूट आय सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपये करना, कृषि के लिए पैकेज लागू करना, मनरेगा कार्य दिवसों को बढ़ाकर 200 करना, जीएसटी रिफंड में तेजी लाना और चीनी प्रोडक्ट्स आयात पर एक संपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग रणनीति स्थापित करना शामिल है। पवन कुमार के नेतृत्व में भारतीय मजदूर संघ (BMS) के प्रतिनिधियों ने सोमवार को सीतारमण को अपनी सिफारिशें प्रस्तुत कीं।

किसानों और मजदूरों के लिए मांगें

ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने मनरेगा को बढ़ाकर प्रति परिवार सालाना 200 कार्यदिवस सुनिश्चित करने की वकालत की। इसके अतिरिक्त उन्होंने कृषि, बागान, बीड़ी और मत्स्य पालन सहित पर्याप्त श्रम की आवश्यकता वाले क्षेत्रों के लिए एक समर्पित पैकेज का अनुरोध किया।

कर्मचारियों के लिए मांगें

भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने 8वें वेतन आयोग को लागू करने, 10 लाख रुपये तक कर छूट और NPS और UPS पर OPS को प्राथमिकता देने की मांग की। अतिरिक्त प्रस्तावों में ग्रेच्युटी गणना अवधि को 15 दिनों से बढ़ाकर 30 दिन प्रति वर्ष करना और पेंशनभोगियों के लिए कर दायित्वों को हटाना शामिल था।

लघु उद्योग भारती की मांगें: लघु एवं मध्यम उद्यमों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन ने जीएसटी रिफंड प्रक्रिया में तेजी लाने, जीएसटी फाइलिंग में छोटी-मोटी गलतियों के लिए माफी कार्यक्रम शुरू करने और जीएसटी दर समायोजन की मांग की।

भारतीय किसान संघ की मांगें: कृषि समूह ने कृषि इनपुट पर जीएसटी छूट और पीएम किसान निधि में समय-समय पर वृद्धि की मांग की। बीकेएस ने इसके अतिरिक्त किसानों के खातों में सीधे उर्वरक सब्सिडी ट्रांसफर का अनुरोध किया।

स्वदेशी जागरण मंच की मांगें: अश्विनी महाजन द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए आरएसएस के आर्थिक डिविजन ने चीन के साथ व्यापार असंतुलन के बारे में चिंताओं को उजागर किया और घरेलू उत्पादन का समर्थन करने के लिए टैरिफ और व्यापार उपायों सहित व्यापक विनिर्माण नीतियों की वकालत की।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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