Budget 2024 Chemical Industry Expectations: आगामी बजट से अलग-अलग सेक्टरों की कई उम्मीदे हैं। इनमें केमिकल इंडस्ट्री भी शामिल है। केंद्रीय बजट 2024 में केमिकल इंडस्ट्री में लगातार ग्रोथ को बनाए रखने के लिए टैक्स रिफॉर्म और टेक्नोलॉजिकल सपोर्ट मिल सकता है। इसके अलावा यूरोप और मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक संकट के मद्देनजर केमिकल इंडस्ट्री को लाल सागर के जरिए माल ढुलाई सेवाओं में राहत मिलने की भी उम्मीद है। वहीं चीन, कोरिया और थाईलैंड जैसे देश भारतीय बाजार में अपने सस्ते उत्पादों की सप्लाई करते हैं, जिन्हें रोकने के लिए एंटी-डंपिंग योजना भी पेश की जा सकती है।
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केमिकल इंडस्ट्री को चाहिए ईजी फंड एक्सेस
इस समय केमिकल इंडस्ट्री 220 अरब डॉलर की है। ये इंडस्ट्री 2025 के अंत तक 300 अरब डॉलर के मार्केट साइज तक पहुंच सकती है। ऐसे में केमिकल सेक्टर को उम्मीद है कि इंडस्ट्री की एमएसएमई कंपनियों को आसानी फंड मिलने की व्यवस्था की जा सकती है।
अनुमान है कि केमिकल सेक्टर में लगातार ग्रोथ के लिए एमएसएमई का इस इंडस्ट्री में कम से कम 40% योगदान देना जरूरी है।
एडवांस्ड टेक्नोलॉजी की कमी पर ध्यान देना जरूरी
टेक्सटाइल सेक्टर के कमजोर प्रदर्शन की वजह से घरेलू केमिकल मांग पर असर पड़ा है। वहीं दुनिया भर में भू-राजनीतिक चिंताएं वैश्विक मांग में बाधा डाल रही हैं। ऐसे में केमिकल सेक्टर को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी की जरूरत होगी। एडवांस्ड टेक्नोलॉजी न होने के कारण सेक्टर के मैन्युफैक्चरर्स को अधिक कीमत पर कच्चा माल खरीदना पड़ता है, जिससे उनके उत्पाद अधिक महंगे हो जाते हैं।
