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Budget 2026: बजट में क्या सस्ता और क्या हो सकता है महंगा?

Budget 2026 से आम आदमी की जेब पर क्या असर पड़ेगा, इस पर सबकी नजर है। बजट के बाद कुछ चीज़ें सस्ती हो सकती हैं तो कुछ पर महंगाई का बोझ बढ़ने की आशंका है। ऐसे में आइए जानते हैं बजट में इस बार क्या सस्ता और क्या महंगा हो सकता है?

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Budget 2026 Cheaper Costlier.

Budget 2026 पेश होने में महज कुछ ही घंटे का समय बचा है और जैसे-जैसे समय नजदीक आ रहा है, देश के हर नागरिक, खासकर मिडिल क्लास की धड़कनें तेज हो गई हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब संसद में अपना पिटारा खोलेंगी, तो हर किसी की नजर इस बात पर होगी कि इस बार उनकी रसोई का बजट घटेगा या बढ़ेगा। वहीं आम जनता को ये भी जानना है कि इस बार बजट के पिटारे से क्या सस्ता और क्या महंगा हो सकता है? यूनियन बजट से पहले बाजार में कयासों का दौर जारी है टैक्सपेयर्स को छूट की आस है, तो आम आदमी को महंगाई से राहत की उम्मीद। सरकार का मुख्य फोकस इस बार 'मेक इन इंडिया' को रफ्तार देने और आम आदमी की 'परचेजिंग पावर' (खरीदने की शक्ति) बढ़ाने पर हो सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं इस बार बजट में क्या-क्या महंगा और के सस्ता हो सकता है?

क्या सस्ता हो सकता है? (संभावित राहत)

स्मार्टफोन और टैबलेट: मोबाइल के स्पेयर पार्ट्स (जैसे कैमरा मॉड्यूल और डिस्प्ले) पर कस्टम ड्यूटी घटने से भारत में बने फोन सस्ते हो सकते हैं।

सस्ते घर (Affordable Housing): होम लोन के ब्याज पर टैक्स छूट की सीमा ₹2 लाख से बढ़कर ₹5 लाख होने की उम्मीद है, जिससे घर खरीदना आसान होगा।

हेल्थ इंश्योरेंस: एक्सपर्ट्स ने सुझाव दिया है कि नई टैक्स रिजीम में भी सेक्शन 80D जैसी राहत दी जाए। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो खुद के और परिवार के हेल्थ प्रीमियम पर ₹25,000 से ₹50,000 तक की अतिरिक्त छूट मिल सकती है। यह कदम न केवल टैक्स बचाएगा, बल्कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा लेने के लिए प्रोत्साहित भी करेगा।

इलेक्ट्रिक वाहन (EV): बैटरी बनाने वाले कच्चे माल पर टैक्स घटने से इलेक्ट्रिक स्कूटर और कारें सस्ती हो सकती हैं।

कैंसर की दवाइयां: गंभीर बीमारियों की दवाओं और लाइफ-सेविंग मेडिकल डिवाइसेज पर ड्यूटी कम होने से इलाज का खर्च घट सकता है।

घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स: भारत में बनने वाले टीवी, फ्रिज और अन्य होम एप्लायंसेज पर सरकार राहत दे सकती है।

क्या महंगा हो सकता है? (जेब पर बढ़ेगा बोझ)

इंपोर्टेड लग्जरी सामान: विदेशों से आने वाली महंगी घड़ियाँ, जूते और डिजाइनर कपड़े महंगे हो सकते हैं क्योंकि सरकार इन पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा सकती है।

विदेशी कारें: बाहर से पूरी तरह बनकर आने वाली (CBU) प्रीमियम कारों पर टैक्स बढ़ने की आशंका है।

विदेशी कॉस्मेटिक्स: प्रीमियम ब्यूटी प्रोडक्ट्स, परफ्यूम और मेकअप का सामान जो विदेश से आयात होता है, महंगा हो सकता है।

सोना और चांदी: अगर सरकार ने सोने के आयात शुल्क (Import Duty) में कोई बदलाव किया, तो इनके गहनों की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं।

टैक्स में राहत और आपकी बचत पर असर

समानों की कीमतों के अलावा, सरकार आपकी सीधी बचत बढ़ाने पर भी बड़ा दांव खेल सकती है। चर्चा है कि नई टैक्स रिजीम के तहत ₹15 लाख तक की आय को 'जीरो टैक्स' स्लैब के दायरे में लाने की कोशिश हो सकती है। इसके साथ ही, नौकरीपेशा लोगों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) को ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 किया जा सकता है। इसका सीधा मतलब यह है कि आपकी 'इन-हैंड सैलरी' बढ़ेगी और आपके पास खर्च करने के लिए अधिक पैसा होगा।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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