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Budget 2026: बजट में अब तक क्या-क्या हुआ ऐलान? वित्त मंत्री की 10 बड़ी घोषणाएं यहां पढ़ें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Budget 2026 में अर्थव्यवस्था से लेकर आम आदमी तक को ध्यान में रखते हुए कई बड़े ऐलान किए हैं। टैक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, किसान, युवा और मिडिल क्लास से जुड़े अहम फैसले सामने आए हैं। यहां पढ़ें अब तक के 10 सबसे बड़े बजट ऐलान, जो आपकी जेब और भविष्य पर सीधा असर डाल सकते हैं।

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बजट 2026

Union Budget 2026 Live Streaming: वित्त मंत्री निर्माला सीतारणम आम बजट पेश कर रही है। अभी उनका बजट भाषण चल ही रहा है। इस दौरान वो आम आदमी से लेकर किसानों और उद्योग जगत के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। आइए अबतक वित्त मंत्री की बड़े ऐलान पर एक नजर डालते हैं।

वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जो चालू वित्त वर्ष में 11.2 लाख करोड़ रुपये है। सर्विस सेक्टर के लिए एक उच्च स्तीय कमिटी का ऐलान। यह कमिटी वैश्विक बाजार में भारत के सर्विस सेक्टर की पहुंच बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक ले जाने में मदद करेगी।

सीतारमण ने कहा कि खेलो इंडिया मिशन अगले दशक में खेल क्षेत्र को बदल देगा। पशु-चिकित्सा पेशेवरों की संख्या बढ़ाने पर जोर। निजी क्षेत्र में पशु चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए पूंजी सब्सिडी सहायता योजना। सरकार एक खनिज कॉरिडोर बनाएगी। इससे विकास बढ़ेगा नई नौकरियां पैदा होगी। पूर्वी भारत में नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्थापना का प्रस्ताव

सरकार ने कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग का खर्च बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये किया, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, करीब 2.5 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से निकल चुके हैं बाहर।

बजट में अगले पांच वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ बायोफार्मा ‘शक्ति’ का प्रस्ताव: सीतारमण।

वित्त मंत्री ने ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम’ के क्षेत्र में एक उच्चस्तरीय स्थायी समिति गठित करने का प्रस्ताव किया, जो विकसित भारत के मुख्य चालक के रूप में सेवा क्षेत्र पर केंद्रित उपायों की सिफारिश करेगी।

अगले 5 सालों में 20 नए जलमार्ग चालू किए जाएंगे: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, अगले 5 सालों में 20 नए जलमार्ग चालू किए जाएंगे, जिसकी शुरुआत ओडिशा में नेशनल वॉटरवे 5 से होगी, जो तालचेर और अंगुल के खनिज-समृद्ध इलाकों और कलिंगनगर जैसे औद्योगिक केंद्रों को पारादीप और धमरा बंदरगाहों से जोड़ेगा। वाराणसी और पटना में भी अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए एक शिप रिपेयर इकोसिस्टम स्थापित किया जाएगा।

दिल्ली-वाराणसी समेत 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधा स्थापित होगी। 5 वर्षों में पांच औद्योगिक क्षेत्रों में कार्बन कैप्चर के लिए ₹20 हजार करोड़ का प्रस्ताव है।

सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए 40000 करोड़ रुपये का बजट: वित्त मंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर के निर्माण पर सरकार का पूरा जोर है। सरकार ने सेमीकंडक्टर को बढ़ावा देने के लिए 22500 करोड़ रुपये का निवेश किया है। अब इसे बढ़ाकर 40 हजार करोड़ करने का प्रस्ताव करते हैं।

3 नए AIMS का निर्माण किया जाएगा। बुजुर्गों के लिए मेडिकल सुविधा में बढ़ोतरी होगी। 5 नए मेडिकल रीजनल सेंटर बनाए जाएंगे।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गिनाए 3 कर्तव्य: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को तीन 'कर्तव्य' बताए, जिनसे न सिर्फ अर्थव्यवस्था को तेजी मिलेगी, बल्कि गरीब, वंचित और पिछड़े लोगों को भी ताकत मिलेगी। केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए उन्होंने कहा कि पहला कर्तव्य प्रोडक्टिविटी और कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ाकर और अस्थिर ग्लोबल डायनामिक्स के प्रति लचीलापन बनाकर आर्थिक विकास को तेज करना और बनाए रखना है। हमारा दूसरा कर्तव्य हमारे लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का निर्माण करना है, जिससे वे भारत की समृद्धि की राह में मजबूत भागीदार बनें। उन्होंने आगे कहा कि हमारा तीसरा कर्तव्य, जो 'सबका साथ-सबका विकास' के हमारे विजन के साथ जुड़ा हुआ है, यह सुनिश्चित करना है कि हर परिवार, समुदाय, क्षेत्र और सेक्टर को संसाधनों तक पहुंच मिले।"

'आत्मनिर्भर भारत' पर जोर, युवाशक्ति से प्रेरित और 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र पर आधारित है बजट: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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