बिजनेस

बजट 2026 का झटका: SGB पर लगेगा टैक्स, लेकिन ये 3 सरकारी स्कीम अभी भी 100% Tax-Free!

बजट 2026 ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) के शौकीनों को बड़ा झटका दिया है। अब SGB से होने वाली कमाई पूरी तरह टैक्स-फ्री नहीं रहेगी, जिससे निवेशकों के बीच हलचल तेज हो गई है। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है! आज भी ऐसी सरकारी बचत योजनाएं मौजूद हैं, जहां आपका पैसा न केवल सुरक्षित है, बल्कि मिलने वाला रिटर्न भी 100% टैक्स-फ्री है।

Image

100% Tax-Free निवेश विकल्प (Photo: iStock)

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में Sovereign Gold Bonds (SGB) को लेकर एक बड़े बदलाव का ऐलान किया है। जहां अभी तक SGB को एक टैक्स-फ्री निवेश विकल्प माना जाता था, वहीं बजट घोषणा के बाद नियम सभी निवेशकों के लिए पहले जैसे नहीं रह गए हैं। अब इसके मूल टैक्स-फ्री लाभों को सीमित कर दिया गया है।

SGB निवेश में बदलाव

अब से केवल वे निवेशक जिन्‍होंने SGB को केंद्रीय बैंक आरबीआई के द्वारा जारी मूल इश्यू टाइम पर खरीदा है और उसे पूरी अवधि (8 साल) तक रखा है, उन्हें ही पूंजीगत लाभ (Capital Gains) पर टैक्स-छूट मिलेगी । पहले SGB को चाहे मूल इश्यू से लिया हो या सेकेंडरी मार्केट (बॉन्ड मार्केट /ब्रोकर के जरिये), म्युचुअल लाभ पर टैक्स-छूट मिलती थी। अब सेकेंडरी मार्केट के जरिये खरीदे गए SGB पर पूंजीगत लाभ कर लागू होगा।

कब से लागू होगा नियम

कर लगने की यह नीति 1 अप्रैल 2026 से वित्त वर्ष 2026-27 के लिए लागू होगी। सेकेंडरी मार्केट में खरीदी गई SGB की बिक्री या मैच्योरिटी पर अब लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेंस टैक्स (12.5% + सरचार्ज/सेस) लगाया जा सकता है। इससे बहुत से निवेशकों को अपने टैक्स की योजना फिर से बनानी पड़ेगी।

EEE कैटेगरी के निवेश विकल्प

अच्छी बात ये है कि बजट 2026 में यह भी साफ किया गया है कि कुछ निवेश विकल्प अभी भी EEE (Exempt-Exempt-Exempt) श्रेणी में आते हैं। इस श्रेणी के तहत योगदान पर कोई टैक्स नहीं लगता, ब्याज/लाभ पर टैक्स नहीं लगता और निकासी/मैच्योरिटी पर टैक्स नहीं लगता।

भरोसेमंद टैक्स-फ्री निवेश विकल्प

भरोसेमंद टैक्स-फ्री निवेश विकल्प के लिए आप पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) को चुन सकते हैं।

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)

यह भारत में सबसे लोकप्रिय और सुरक्षित टैक्स-फ्री निवेश है। किसी भी बैंक या डाकघर में PPF खाता खोला जा सकता है। इसमें न्यूनतम 500 और अधिकतम 1.5 लाख रुपए का सालाना निवेश कर सकते हैं। स्कीम में 15 साल की लॉक-इन अवधि होती है और इसे पांच-पांच साल के लिए बढ़ाया भी जा सकता है।

एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF)

EPF में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों योगदान करते हैं। यह मुख्य रूप से रिटायरमेंट के लिए बचत का टूल है और अगर नियमों के अनुसार निकासी की जाती है तो इसके सभी लाभ टैक्स-फ्री होते हैं

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)

यह योजना मुख्य रूप से लड़कियों के भविष्य को सुरक्षित करती है। 10 वर्ष से कम उम्र की बच्ची के माता-पिता इस खाते में निवेश कर सकते हैं, जो शिक्षा और विवाह की लागत के लिए एक सुरक्षित बचत विकल्प है। SSY में अन्य छोटी बचत योजनाओं की तुलना में उच्च ब्याज दर भी मिलती है और पूरी राशि टैक्स-फ्री होती है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

और पढ़ें
End of Article