Budget 2026: विदेशी प्रॉपर्टी और काला धन दिखाने पर अब नहीं होगी जेल! बजट में वित्त मंत्री ने ऐसे दी राहत
- Authored by: रिचा त्रिपाठी
- Updated Feb 2, 2026, 02:14 PM IST
बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उन भारतीयों को बड़ी राहत दी है जिनके पास विदेशी निवेश या संपत्तियां हैं। अब अनजाने में विदेशी बैंक खातों या शेयर्स की जानकारी छिपाने पर सीधे जेल जाने का डर खत्म हो गया है। सरकार ने ब्लैक मनी एक्ट के सख्त नियमों को उदार बनाते हुए अनुपालन (Compliance) को आसान बनाने का प्रस्ताव दिया है। आइए जानते हैं क्या है ये?
Budget 2026 Expenditure Spending
बजट 2026 में मध्यम वर्ग को भले ही इनकम टैक्स स्लैब में सीधी राहत न मिली हो, लेकिन टैक्स नियमों के पालन (Compliance) को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बहुत ही बड़ी और सकारात्मक घोषणा की है। सरकार ने 'ब्लैक मनी एक्ट' (Black Money Act) और विदेशी संपत्ति के खुलासे से जुड़े नियमों में ढील देने का फैसला किया है। अब अगर किसी व्यक्ति के पास विदेश में कोई संपत्ति है और वह अनजाने में उसका खुलासा करना भूल गया है, तो उसे सीधे जेल नहीं भेजा जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन छोटे निवेशकों और कर्मचारियों को राहत देना है, जो अनजाने में तकनीकी गलतियों के कारण भारी दंड और कानूनी पचड़ों में फंस जाते थे।
जेल की सजा और जुर्माने के नियमों में बदलाव
पुराने नियमों के मुताबिक, यदि किसी भारतीय नागरिक के पास विदेश में कोई अघोषित संपत्ति (जैसे घर, बैंक अकाउंट या शेयर) पाई जाती थी, तो उस पर भारी जुर्माने के साथ-साथ जेल की सजा का भी प्रावधान था। यह सजा काफी सख्त थी और इसमें गलती की गुंजाइश बहुत कम थी। लेकिन बजट 2026 में सरकार ने एक सीमा तय की है। अब ₹20 लाख तक की विदेशी संपत्ति की जानकारी न देने पर जेल की सजा की शर्त को हटाने या उसे बेहद उदार बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। इसका मतलब है कि छोटे-मोटे निवेश या विदेशी कंपनियों में मिलने वाले शेयर्स (ESOPs) की जानकारी छूट जाने पर अब आपको अपराधी की तरह नहीं देखा जाएगा।
ESOPs और छोटे निवेशकों को मिलेगी बड़ी राहत
आजकल कई भारतीय युवा और प्रोफेशनल्स ऐसी मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) में काम करते हैं जो उन्हें सैलरी के साथ-साथ विदेशी शेयर्स (ESOPs) भी देती हैं। कई बार जानकारी के अभाव में लोग अपने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में इन विदेशी होल्डिंग्स का जिक्र करना भूल जाते थे। ब्लैक मनी एक्ट के तहत, छोटी सी भी गलती पर लाखों का जुर्माना और जेल का डर बना रहता था। वित्त मंत्री ने इस "अनुपालन के बोझ" को कम करने के लिए नियमों को सरल बनाया है। अब सरकार का फोकस दंड देने के बजाय करदाताओं को अपनी गलती सुधारने का मौका देने पर है।
क्या यह काले धन को सफेद करने का मौका है?
यहाँ यह समझना बहुत जरूरी है कि सरकार ने केवल 'तकनीकी गलतियों' और 'छोटे खुलासों' पर राहत दी है। बड़े स्तर पर जानबूझकर काला धन छिपाने वालों के लिए नियम अभी भी सख्त रहेंगे। सरकार एक नई 'Foreign Asset Disclosure Scheme' ला सकती है, जो एक सीमित समय के लिए होगी। इस स्कीम के तहत लोग अपनी अघोषित विदेशी संपत्ति का खुलासा कर सकते हैं और उस पर निर्धारित टैक्स व मामूली जुर्माना देकर कानूनी कार्रवाई से बच सकते हैं। यह उन लोगों के लिए एक सुनहरा मौका है जो अपनी पुरानी गलतियों को सुधारना चाहते हैं और ईमानदारी से अपनी संपत्ति घोषित करना चाहते हैं।
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