Budget 2026 live: विदेशी निवेश बढ़ाने को PROI निवेशकों के लिए बढ़ाई छूट, सुधारों पर जोर
- Authored by: यतींद्र लवानिया
- Updated Feb 1, 2026, 04:31 PM IST
Budget 2026 में सरकार ने भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब PIO और PROI निवेशकों के लिए भारतीय लिस्टेड कंपनियों में निवेश की सीमा बढ़ा दी गई है, जिससे बाजार में विदेशी पूंजी प्रवाह और लिक्विडिटी मजबूत होने की उम्मीद है।
बाजार को मिलेगा बूस्ट
Budget 2026 में सरकार ने PIO और PROI निवेशकों के लिए भारतीय शेयर बाजार में निवेश सीमा बढ़ाई। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि अब Person of Indian Origin (PIO) और Persons Residing Outside India (PROI) निवेशकों के लिए भारतीय लिस्टेड कंपनियों में निवेश के नियमों को आसान बनाया जाएगा, जिससे इक्विटी बाजार में विदेशी भागीदारी बढ़ेगी।
निवेश सीमा में बड़ा इजाफा
सरकार ने Portfolio Investment Scheme (PIS) के तहत PROI निवेशकों के लिए व्यक्तिगत निवेश सीमा 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दी है। वहीं, सभी PROI निवेशकों के लिए कुल निवेश सीमा को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 24 प्रतिशत किया गया है। इस बदलाव से विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय कंपनियों में हिस्सेदारी लेना पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगा।
बाजार में बढ़ेगी लिक्विडिटी
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेश सीमा बढ़ने से भारतीय इक्विटी बाजार में नई पूंजी का प्रवाह बढ़ेगा और बाजार की लिक्विडिटी मजबूत होगी। सरकार का यह कदम दीर्घकालिक वैश्विक निवेश आकर्षित करने और भारतीय पूंजी बाजार को और गहरा बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
क्या होगा बाजार पर असर?
बजट में घोषित यह सुधार संकेत देता है कि सरकार विदेशी निवेशकों के लिए भारत को एक आकर्षक निवेश गंतव्य बनाने पर फोकस कर रही है। इससे आने वाले समय में शेयर बाजार में निवेश गतिविधि और विदेशी भागीदारी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
हाई लेवल बैंकिंग कमेटी का गठन होगा
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 पेश करते हुए ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के अनुरूप बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए हाई लेवल कमेटी ऑन बैंकिंग फॉर विकसित भारत गठित करने की घोषणा की। यह कमेटी वित्तीय क्षेत्र की व्यापक समीक्षा कर उसे भारत की अगली विकास यात्रा के अनुरूप ढालेगी, साथ ही वित्तीय स्थिरता, समावेशन और उपभोक्ता संरक्षण को भी सुनिश्चित करेगी। बजट दस्तावेज के अनुसार भारतीय बैंकिंग सेक्टर आज मजबूत बैलेंस शीट, रिकॉर्ड मुनाफे और बेहतर एसेट क्वालिटी के साथ देश के 98% गांवों तक पहुंच बना चुका है।
विदेशी निवेश नियमों की होगी व्यापक समीक्षा
बजट में Foreign Exchange Management (Non-debt Instruments) नियमों की व्यापक समीक्षा का प्रस्ताव भी रखा गया है, ताकि विदेशी निवेश के लिए एक अधिक आधुनिक और निवेशक-अनुकूल ढांचा तैयार किया जा सके, जो भारत की बदलती आर्थिक जरूरतों के अनुरूप हो।
कॉरपोरेट बॉन्ड और म्युनिसिपल बॉन्ड मार्केट को बूस्ट
सरकार कॉरपोरेट बॉन्ड इंडेक्स पर डेरिवेटिव्स और टोटल रिटर्न स्वैप जैसे उत्पादों को बढ़ावा देकर बाजार में तरलता बढ़ाना चाहती है। साथ ही बड़े शहरों को अधिक मूल्य के म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु ₹100 करोड़ का प्रोत्साहन प्रस्तावित किया गया है, जबकि AMRUT योजना के तहत छोटे और मध्यम शहरों को पहले की तरह समर्थन मिलता रहेगा।
विदेश में रहने वाले भारतीयों के निवेश नियम आसान
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने विदेश में रहने वाले व्यक्तियों (PROI) को सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों के इक्विटी शेयरों में निवेश की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत Portfolio Investment Scheme (PIS) में व्यक्तिगत निवेश सीमा 5% से बढ़ाकर 10% कर दी गई है, जबकि कुल सामूहिक सीमा 10% से बढ़ाकर 24% कर दी गई है।
बाजार में तरलता और स्थिरता बढ़ाने पर फोकस
सरकार का मानना है कि निवेश सीमा बढ़ाने से शेयर बाजार में गहराई आएगी, लिक्विडिटी बढ़ेगी और कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव कम होगा। नियामकीय निगरानी और अनुपालन व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी, जिससे निवेशकों का भरोसा बना रहेगा। कुल मिलाकर बजट 2026-27 में सरकार ने वित्तीय बाजार, बैंकिंग और पूंजी बाजार सुधारों के जरिए भारत को वैश्विक निवेश के प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा संकेत दिया है।
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