बजट 2026: एआई, रोबोटिक्स, डेटा सेंटर्स में निवेश से भारत बनेगा ग्लोबल टेक लीडर, युवाओं का भविष्य होगा मजबूत!
- Authored by: रामानुज सिंह
- Updated Jan 6, 2026, 02:25 PM IST
Budget 2026: सरकार जब यूनियन बजट 2026-27 तैयार कर रही है, वैश्विक अर्थव्यवस्था तेज तकनीकी बदलावों से प्रभावित है। एक्सपर्ट्स ने प्रधानमंत्री मोदी की बैठक में डेटा सेंटर्स, AI और रोबोटिक्स में टारगेटेड सपोर्ट देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि उच्च-मूल्य वाली डिजिटल और ज्ञान-आधारित सेवाओं के निर्यात से भारत की अर्थव्यवस्था को वैश्विक झटकों से सुरक्षा मिलेगी।
बजट 2026-27 में AI और ऑटोमेशन को मिलेगी प्राथमिकता! (तस्वीर-istock)
Budget 2026: भारत सरकार यूनियन बजट 2026-27 तैयार कर रही है, वैश्विक अर्थव्यवस्था तेजी से बदल रही है। तकनीक के क्षेत्र में हो रहे नए बदलाव, खासकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा सेंटर्स और रोबोटिक्स, अब सिर्फ विकल्प नहीं बल्कि भविष्य की अर्थव्यवस्था की आधारशिला बन गए हैं। एक्सपर्ट्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई प्री-बजट बैठक में इन क्षेत्रों में टारगेटेड सपोर्ट देने की सलाह दी है।
सेवाओं के निर्यात में विविधता जरूरी
भारत की मर्चेंडाइज यानी माल का निर्यात अभी भी वैश्विक घटनाओं जैसे प्रोटेक्शनिज्म, अमेरिका-यूरोप में मांग में गिरावट और भू-राजनीतिक तनाव से प्रभावित हो सकता है। इतिहास में देखा गया है कि सेवाओं का निर्यात इस तरह के झटकों से कुछ हद तक बचाव करता रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब समय आ गया है कि भारत उच्च मूल्य वाली डिजिटल, वित्तीय और ज्ञान-आधारित सेवाओं की तरफ ध्यान दे। इनमें AI-संचालित समाधान और डिजिटल प्लेटफॉर्म शामिल हैं। ये सेवाएं न केवल मूल्यवान हैं बल्कि वैश्विक व्यापार के उतार-चढ़ाव के प्रभाव को भी कम कर सकती हैं।
डेटा सेंटर्स: डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़
डेटा सेंटर्स डिजिटल दुनिया का आधार हैं। ये क्लाउड कंप्यूटिंग, AI मॉडलिंग, फिनटेक और ई-गवर्नेंस जैसी सेवाओं को संभव बनाते हैं। भारत में डिजिटल डाटा की खपत तेजी से बढ़ रही है, लेकिन घरेलू डेटा सेंटर्स की क्षमता अभी मांग के मुकाबले कम है। एक्सपर्ट्स ने सुझाव दिया है कि सरकार फिस्कल इंसेंटिव, बिजली के शुल्क में छूट, जमीन की आसान उपलब्धता और तेज अप्रूवल जैसी नीतियों से निवेश को बढ़ावा दे। इससे डेटा सेंटर्स का नेटवर्क मजबूत होगा, डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा में सुधार आएगा और स्टार्टअप्स व कंपनियों के लिए लागत कम होगी।
AI: उत्पादन और विकास का गुणा
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) अब केवल प्रयोगात्मक तकनीक नहीं रही, बल्कि स्वास्थ्य, कृषि, विनिर्माण, वित्त और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल हो रही है। भारत में AI का उद्देश्य सिर्फ तकनीकी नेतृत्व नहीं, बल्कि बड़े पैमाने की समस्याओं का समाधान करना है। एक्सपर्ट्स ने कहा कि बजट में AI रिसर्च, घरेलू कंप्यूटिंग क्षमता और इंडस्ट्री-एकेडेमिया सहयोग के लिए समर्थन होना चाहिए। इससे भारत AI मॉडल और प्लेटफॉर्म का निर्माण खुद कर सकेगा, बजाय इसके कि बाहर से तकनीक खरीदी जाए। सही नीतियों के साथ AI नए रोजगार भी पैदा कर सकती है, जैसे डेटा वैज्ञानिक, इंजीनियर और तकनीशियन की मांग बढ़ेगी।
रोबोटिक्स और ऑटोमेशन
रोबोटिक्स और ऑटोमेशन से उद्योग की दक्षता और उत्पादकता बढ़ती है। दुनिया भर में स्मार्ट फैक्ट्री और ऑटोमेशन तेजी से अपनाई जा रही हैं। भारत को भी वैश्विक उत्पादन सीरीज में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए इन तकनीकों को अपनाना होगा। सरकार स्टार्टअप्स, विनिर्माण और अनुसंधान में रोबोटिक्स के लिए समर्थन दे सकती है। इससे न केवल घरेलू क्षमता बढ़ेगी, बल्कि कर्मचारियों को उच्च मूल्य वाले कार्यों जैसे डिजाइन, रखरखाव और सिस्टम इंटीग्रेशन में काम करने का मौका मिलेगा।
भारत को वैश्विक तकनीक में आगे रखना
दुनिया में AI, एडवांस कंप्यूटिंग और ऑटोमेशन की दौड़ तेज हो रही है। अगर भारत समय पर निवेश नहीं करता, तो यह तकनीकी निर्भरता और अवसर खोने का जोखिम बढ़ा सकता है। बजट में इन क्षेत्रों को महत्व देने से भारत वैश्विक निवेशकों और टेक कंपनियों के लिए भरोसेमंद साझेदार बन सकता है। एक्सपर्ट्स ने कहा कि डेटा सेंटर्स, AI और रोबोटिक्स में नीतिगत समर्थन सिर्फ कुछ क्षेत्रों को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिरता, उत्पादकता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने का जरिया है।
समय रहते नीतिगत समर्थन जरूरी
AI, ऑटोमेशन और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसी नई तकनीकें उत्पादन, सेवाओं और भू-राजनीति को बदल रही हैं। जो देश जल्दी निवेश करते हैं, वे तकनीकी मानक तय करते हैं और जो पीछे रहते हैं, वे निर्भर और सीमित अवसरों वाले बन जाते हैं। भारत को अभी उच्च-मूल्य वाले, तकनीक-प्रधान क्षेत्रों में निवेश बढ़ाना होगा। सही समय पर बजट समर्थन से घरेलू क्षमता निर्माण और वैश्विक निवेश बढ़ेगा, और भारत नई तकनीकों को अपने अनुसार आकार देने में सक्षम होगा।
अगर बजट 2026-27 डेटा सेंटर्स, AI और रोबोटिक्स को समर्थन देता है, तो यह भारत को नई तकनीकों में ग्लोबल लीडर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। यह न केवल अर्थव्यवस्था को सुरक्षित और लचीला बनाएगा, बल्कि आने वाले दशकों में इनोवेशन और मूल्य निर्माण के जरिए भारत की विकास कहानी को और मजबूत करेगा।
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