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BSE 5000% रिटर्न! अब धांसू रिजल्ट; फिर भी लुढ़का शेयर, क्या खरीदने का ये सही मौका?

BSE ने Q4 में शानदार नतीजे दिए हैं। स्टॉक पिछले 5 साल में करीब 5000% का रिटर्न दे चुका है। हालांकि, इसके बाद भी स्टॉक लुढ़क रहा है। क्या यह खरीदारी का अच्छा मौका है?

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BSE शेयर प्राइस में आई गिरावट

देश के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज को ऑपरेट करने वाली कंपनी BSE ने पिछले 5 साल में करीब 5000% का ताबड़तोड़ रिटर्न दिया है। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के दौरान कंपनी ने धांसू रिजल्ट दिया है। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक कंपनी के प्रॉफिट में सालाना आधार पर 60% से ज्यादा का उछाल आया है। लेकिन, इसके बाद भी शुक्रवार को शेयर में गिरावट देखने को मिली है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इस मल्टीबैगर शेयर को पोर्टफोलिया में शामिल करने का सही समय है।

BSE का शेयर शुक्रवार को करीब 1.05% यानी 41.80 रुपये टूटकर 3,921.80 रुपये पर कारोबार करता नजर आया। कारोबार के दौरान शेयर 3,832.30 रुपये तक फिसला, जबकि दिन का उच्च स्तर 3,994 रुपये रहा। दिलचस्प बात यह है कि मौजूदा भाव अपने 52-वीक हाई 3,994 रुपये से करीब 1.8% नीचे है, जबकि 52-वीक लो 2,021.50 रुपये की तुलना में अब भी लगभग 94% ऊपर कारोबार कर रहा है। यानी हालिया गिरावट के बावजूद शेयर ने पिछले एक साल में निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है।

कैसे रहे तिमाही नतीज?

BSE Q4 Result शानदार रहा है। BSE ने मार्च तिमाही में 797 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के 494 करोड़ रुपये से 61% अधिक है। वहीं, पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट करीब 88% उछलकर 2,487 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो FY25 में 1,322 करोड़ रुपये था। हालांकि, नतीजे मजबूत रहे, शुक्रवार को शेयर में करीब 3% तक की गिरावट देखने को मिली। बाजार में यह गिरावट मुनाफावसूली और ऊंचे वैल्यूएशन की चिंता की वजह से मानी जा रही है।

क्यों आई शेयर में गिरावट?

Why BSE Share Falling Today: चौथी तिमाही के दौरान कंपनी की कमाई को सबसे बड़ा सहारा ट्रांजैक्शन चार्जेज से मिला। इस मद से आय 114% सालाना बढ़कर 1,311 करोड़ रुपये रही। तिमाही आधार पर भी इसमें 38% की बढ़त दर्ज हुई। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में BSE का राजस्व 5,148 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि EBITDA 3,393 करोड़ रुपये और EBITDA मार्जिन 48% रहा। यह दिखाता है कि कंपनी की ऑपरेटिंग प्रोफाइल लगातार मजबूत हो रही है। लेकिन, निवेशक बढ़े हुए ट्रांजैक्शन चार्जेज को ग्रोथ के लिए रुकावट के तौर पर देख रहे हैं। इसके अलावा NSE IPO भी आने वाला है। इसकी वजह से भी BSE के शेयरों को लेकर निवेशक सतर्क हैं।

डेरिवेटिव और STAR MF से मिला नया दम

BSE के इक्विटी डेरिवेटिव्स कारोबार ने भी FY26 में शानदार प्रदर्शन किया। इस सेगमेंट का राजस्व दोगुना से ज्यादा बढ़कर 3,134 करोड़ रुपये हो गया। औसत दैनिक प्रीमियम टर्नओवर 19,522 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं BSE StAR MF प्लेटफॉर्म ने भी मजबूत ग्रोथ दिखाई और 84.1 करोड़ ट्रांजैक्शन के साथ 285 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया। यह बताता है कि कंपनी की ग्रोथ सिर्फ एक सेगमेंट पर निर्भर नहीं है।

ब्रोकरेज की राय क्या कहती है?

BSE Share Price Target को लेकर Motilal Oswal ने BSE पर ‘Neutral’ रेटिंग बनाए रखी है और 4,400 रुपये का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक इसमें करीब 11% तक अपसाइड बन सकता है। दूसरी तरफ Nuvama ने शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग बनाए रखी है और टारगेट प्राइस 4,570 रुपये कर दिया है, यानी लगभग 15% की संभावित बढ़त। Nuvama का मानना है कि BSE की ग्रोथ स्टोरी अब भी मजबूत है, खासकर डेरिवेटिव और म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म के दम पर।

खरीदें, बेचें या होल्ड करें?

कंपनी के नतीजे साफ तौर पर मजबूत हैं, लेकिन हालिया तेज़ी के बाद शेयर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। लंबी अवधि के निवेशक इसे ग्रोथ स्टोरी के तौर पर देख सकते हैं, जबकि अल्पकालिक निवेशकों को वैल्यूएशन और बाजार मूड पर नज़र रखनी होगी।

डिस्क्लेमर: TimesNow Navbharat किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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